शहर में 200 स्ट्रीट लाइटें लेकिन अधिकतर खराब
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
कुव्यवस्था. नप बेफिक्र, शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है शहर भभुआ सदर : शहर को स्वच्छ रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कई परियोजनाएं हाथ में ली गयी हैं और उन पर काम भी हो रहा है. लेकिन, सड़कों पर लगीं स्ट्रीट लाइटों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है. […]
विज्ञापन
कुव्यवस्था. नप बेफिक्र, शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है शहर
भभुआ सदर : शहर को स्वच्छ रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कई परियोजनाएं हाथ में ली गयी हैं और उन पर काम भी हो रहा है. लेकिन, सड़कों पर लगीं स्ट्रीट लाइटों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है. शहर की कई सड़कों की स्ट्रीट लाइटें खराब हैं. लेकिन, नगर पर्षद इस समस्या से अनजान बना हुआ है. शहर की मुख्य सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें लगी थीं, तो शाम होते ही शहर रोशन हो जाता था.
लेकिन, कुछ दिनों के बाद ही ये स्ट्रीट लाइटें खराब होने लगीं. स्थिति यहां तक आ पहुंची है कि लगभग दो करोड़ की लागत से वर्ष 2014 में सड़कों पर लगायी गयी 200 एलइडी लाइटों में आधे से अधिक खराब हो चुकी हैं या फिर मरम्मत के अभाव में बेकार पड़ी हुई हैं
कुछ ऐसा ही हाल शहर के गली मुहल्लाें का भी है, जहां पिछले दो वर्षों से लाइटें नहीं बदलने या मरम्मत के अभाव में अंधेरा फैला हुआ है. शहर के सभी वार्डों में फिलहाल यही स्थिति है. अब शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है. नगर पर्षद इन लाइटों की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दे रहा है. हालांकि, एक महीने पहले ही नगर पर्षद की मासिक समीक्षा बैठक में शहर की मुख्य सड़कों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों सहित सभी 25 वार्डों में एलइडी लगवाने पर सहमति बनी थी. लेकिन, अबतक यह निर्णय फाइलों में ही धूल फांक रही है.
कई स्ट्रीट लाइटें पड़ी हैं बंद
शहर की मुख्य सड़क डीएम आवास से पटेल चौक, अटल बिहारी हाइस्कूल से एकता चौक, एकता चौक से बस स्टैंड, जयप्रकाश चौक से हवाइ अड्डा तक व एकता चौक से पूरब पोखरा तक स्ट्रीट लाइटें लगायी गयी थीं. फिलहाल मुख्य सड़क पर कचहरी, मंडल कारा, नगर थाना, महिला कॉलेज व जेपी चौक आदि स्थानों पर लगी अधिकतर लाइटें खराब हैं.
स्ट्रीट लाइटों के खराब रहने के चलते बिजली रहते हुए भी इन जगहों पर अंधेरा पसरा रहता है. शहर की मुख्य सड़कों के साथ ही मुहल्लों में भी लगी स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं. शाम को ये मुहल्ले अंधेरे में डूब जाते हैं. कई बार अंधेरे में चलते हुए लोग गिर भी जाते हैं. हालांकि, नगर पर्षद द्वारा शहर के चौक-चौराहों व मुख्य सड़कों पर लगे बिजली के संसाधनों के लिए दो-दो मिस्त्री तैनात किये गये हैं. लेकिन, उनके कार्य शहर में कहीं नजर नहीं आते.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










