16,465 करोड़ से कोइलवर से भागलपुर तक विस्तार, गंगा किनारे बनेगा सुपर हाईवे

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Dr. Dilip Jaiswal announced the state’s road project in the Legislative Council

JP Ganga Path : पटना की लाइफलाइन मानी जाने वाली जेपी गंगा पथ अब पश्चिम में कोइलवर और पूरब में भागलपुर तक पहुंचेगी. बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और आधुनिक रोडमैप तैयार कर लिया है, जो लोगों के सफर का अंदाज बदल देगा.

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JP Ganga Path: बिहार सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी जेपी गंगा पथ प्रोजेक्ट को बड़े विस्तार के साथ आगे बढ़ाने का फैसला किया है. पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधान परिषद में घोषणा की कि इस विस्तार पर 16,465 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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यह प्रोजेक्ट राज्य में पहली बार हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर लागू होगी, जिससे निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति मिलेगी.

कोइलवर से भागलपुर तक 118 किमी का विस्तार

बिहार के पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधान परिषद में राज्य की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना की घोषणा की है. जेपी गंगा पथ को अब पश्चिम में कोइलवर (35.65 किमी) से लेकर पूर्व में भागलपुर के सबौर (40.80 किमी) तक विस्तारित किया जाएगा.

16,465 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम राशि से बनने वाला यह ‘सुपर हाईवे’ न केवल पटना के जाम को खत्म करेगा, बल्कि भोजपुर, मुंगेर और भागलपुर जैसे जिलों के बीच व्यापारिक और सामाजिक रिश्तों को नई मजबूती देगा.

एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से 3,743.65 करोड़ रुपये की लागत से 266.17 किमी लंबाई के तीन राज्य उच्च पथ और दो प्रमुख जिला पथों के उन्नयन को मंजूरी दी गई है. सुपौल, अररिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा और बक्सर जैसे जिलों में सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा.यह अपग्रेड सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा.

AI से होगी सड़कों और पुलों की निगरानी

पथ प्रबंधन एवं अनुरक्षण नीति के तहत 2026 से 2033 तक 19,353 किमी सड़कों की मरम्मत पर 22 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. खास बात यह है कि सड़कों और पुलों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मोबाइल एप और वेब एप के जरिए की जाएगी. 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले 85 पुलों के ऑडिट के लिए IIT पटना से समझौता किया गया है.

निजी निवेश से बदलेगी तस्वीर

यह परियोजना बिहार की पहली ऐसी सड़क योजना होगी जिसे हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर क्रियान्वित किया जाएगा. इस मॉडल का फायदा यह है कि इसमें निजी कंपनियां निवेश करेंगी, जिससे काम की गुणवत्ता और गति दोनों में इजाफा होगा.

बजट का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार वहन करेंगे, लेकिन निजी भागीदारी से इस सुपर हाईवे पर आधुनिक सुविधाएं और बेहतर मेंटेनेंस सुनिश्चित होगी.

कनेक्टिविटी का नया हब बनेगा बिहार

इस विस्तार के बाद मुंगेर (साफियाबाद), बरियारपुर, सुल्तानगंज और भागलपुर जैसे शहर सीधे पटना के मरीन ड्राइव से जुड़ जाएंगे. इससे न केवल यात्रा का समय 50% तक कम हो जाएगा, बल्कि गंगा किनारे बसे इन क्षेत्रों में पर्यटन और रियल एस्टेट को भी भारी बूस्ट मिलेगा.

महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहा सिक्स-लेन पुल और पटना-औरंगाबाद फोरलेन परियोजनाएं इस पूरे कॉरिडोर को एक ‘ग्लोबल ट्रांसपोर्ट हब’ में बदल देंगी.

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