वंशी
. इमामगंज बाजार स्थित शंकरपुर कुशवाहा मोड़ पर स्थापित स्थापित भगवान भास्कर की प्रतिमा विसर्जन के दौरान किंजर थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ पहुंचकर प्रतिमा विसर्जन करने से रोका. इस दौरान छठ पूजा कमेटी के सदस्यों तथा सैकड़ों ग्रामीणों तथा पुलिस के बीच काफी तू-तू मैं-मैं हुई.
छठ पूजा कमेटी के सदस्यों ने भगवान भास्कर की प्रतिमा को इमामगंज-करपी पथ कुशवाहा मोड़ पर सड़क पर रख कर जाम कर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया. वहीं अरवल जिला के वरिष्ठ वकील राम उपाध्यक्ष ने पहुंचकर किंजर थानाध्यक्ष को निवेदन किया. वकील ने थानाध्यक्ष को बताया कि छठ पूजा कमेटी के पास ज़ब पूजा का लाइसेंस है तो पुलिस सुरक्षा में प्रतिमा को विसर्जन करवाएं लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी क़ीमत पर प्रतिमा को इमामगंज ब्रांच नहर में नहीं विसर्जन करने दिया जायेगा. वहीं भीड़ को देखते हुए इमामगंज थाना के दरोगा दीपक कुमार ने पुलिस बल के साथ पहुंच कर किंजर थानाध्यक्ष को काफी समझा-बुझा कर अपने रिस्क पर इमामगंज नाला में प्रतिमा विसर्जन करवाने का आश्वासन दिया लेकिन किंजर थानाध्यक्ष किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे. सड़क पर प्रतिमा को रखे जाने के बाद के एक समझौता के रूप में किंजर थानाध्यक्ष ने कहा कि प्रतिमा विसर्जन कोचहसा आहर में जा कर कर लें. पूजा कमेटी के लोगों ने कहा कि कोचहसा का भगवान भास्कर की प्रतिमा इमामगंज नाला में विसर्जन किया गया है. जबकि इमामगंज कुशवाहा मोड़ की प्रतिमा को कोचहसा आहर में विसर्जित किया जाएगा. ग्रामीणों तथा पुलिस के बीच घंटों तकरार चली.
पुलिस अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं थे. वकील राम उपाध्यक्ष ने छठ पूजा कमेटी तथा आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझा कर प्रतिमा को कोचहसा आहर में विसर्जन कराया.
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