अरवल. जमीन केवल एक भौतिक संपत्ति नहीं, बल्कि पीढ़ियों की मेहनत, पहचान और विरासत का आधार होती है. बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और शिक्षा-रोजगार के कारण कई लोग अपने गांवों से दूर शहर या विदेश में बस चुके हैं. ऐसे में पैतृक या निवेश की जमीन की नियमित निगरानी न हो पाने से अवैध कब्जा, अतिक्रमण और पारिवारिक विवाद जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. कानूनी और भूमि विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश जमीन विवाद दस्तावेजों की कमी से नहीं, बल्कि समय-समय पर निगरानी न होने से उत्पन्न होते हैं. कई परिवारों में जमीन की पूरी जानकारी केवल एक सदस्य के पास होती है, जिसकी अनुपस्थिति में अन्य सदस्य भ्रमित हो जाते हैं और विवादों की लंबी कानूनी प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बिंध्या सिक्योरिटी सर्विसेज एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शैलेश कुमार की सिस्टर कंपनी क्रेडिबल एरीना प्राइवेट लिमिटेड ने लैंड ट्रैक एप विकसित किया है. यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और एआइ आधारित सिस्टम के माध्यम से जमीन की निरंतर निगरानी करता है. एप जमीन की सीमाओं में बदलाव, नये निर्माण या असामान्य गतिविधियों का तुरंत अलर्ट भेजता है, जिससे मालिक की भौतिक उपस्थिति आवश्यक नहीं रहती. इसके अतिरिक्त इसमें जमीन से जुड़े दस्तावेज़, फोटो, लोकेशन, पड़ोसियों की जानकारी और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित डिजिटल एक्सेस देने की सुविधा भी उपलब्ध है. विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का यह संयोजन भविष्य में जमीन विवादों को कम करने और संपत्ति प्रबंधन को पारदर्शी व सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

