जहानाबाद सदर अस्पताल में भूख-प्यास से तड़प रहा लावारिस मरीज, अर्ध-बेहोश हाल में पुलिस ने लाकर छोड़ा

Updated:
विज्ञापन
jehanabad news

अस्पताल में भूख-प्यास से तड़प रहा लावारिस मरीज

Jehanabad News: सदर अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. कल शाम पुलिस द्वारा लाकर छोड़े गए एक अज्ञात लावारिस मरीज की अस्पताल प्रशासन ने सुध तक नहीं ली, जिससे वह बिना इलाज और भोजन-पानी के बेड पर पड़ा तड़प रहा है.

विज्ञापन

Jehanabad News (संजय अनुराग की रिपोर्ट) : सदर अस्पताल जहानाबाद में मानवता को तार-तार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है, जहां एक अज्ञात मरीज अर्ध-बेहोशी की हालत में बेड पर पड़ा हुआ है, लेकिन उसका कोई ट्रीटमेंट (इलाज) नहीं किया जा रहा है. मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है. वह लगातार कांप रहा है और कुछ बोलना चाह रहा है, लेकिन मुंह से आवाज नहीं निकल पा रही है.

बुधवार की सुबह से ही वह इसी बदहाल स्थिति में पड़ा हुआ है. संवेदनहीनता का आलम यह है कि न तो उसके बेड पर कोई चादर है और न ही उसे सलाइन (पानी) चढ़ाया गया है.

पुलिस बीते शाम लावारिस हालत में लेकर आई

बताया जाता है कि कल शाम पुलिस ने उसे सदर अस्पताल में लाकर छोड़ दिया था और तब से वह यहीं पड़ा हुआ है. स्थानीय लोगों ने बताया कि रात में उसकी स्थिति और भी ज्यादा खराब थी. मरीज के साथ उसका कोई परिजन मौजूद नहीं है. पुलिस उसे कहां से और किस हाल में उठाकर लाई है, इसकी भी स्पष्ट जानकारी फिलहाल नहीं मिल सकी है. उसकी यह हालत किसी सड़क दुर्घटना के कारण हुई है, किसी के द्वारा मारपीट किए जाने की वजह से हुई है या वह किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है, यह उसके होश में आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. फिलहाल उसे तुरंत बेहतर इलाज और भोजन-पानी की सख्त जरूरत है. लावारिस होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने भी उसे भगवान भरोसे छोड़ दिया है.

मुंह में लगे बोतल से पानी पीने की हालत भी नहीं

इस सिलसिले में अस्पताल परिसर में मौजूद एक अन्य मरीज के परिजन ने बताया कि वे सुबह से यहां हैं, लेकिन यह अज्ञात शख्स सुबह से ऐसे ही अस्पताल के बाहर बने वार्ड में बेड पर लाचार पड़ा हुआ है. इसका कोई इलाज नहीं हो रहा है. सुबह से अभी तक न तो कोई ट्रीटमेंट शुरू हुआ, न सलाइन चढ़ा और न ही उसे कुछ खाने-पीने के लिए दिया गया. इसी बीच किसी राहगीर को दया आई, तो उसने पानी की एक बोतल उसके मुंह में लगा दी, किंतु वह गंभीर स्थिति के कारण पानी भी पीने में असमर्थ है.

डॉक्टर बोले- मुझे जानकारी नहीं

इस पूरे गंभीर सिलसिले में जब सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद चिकित्सक डॉ. आफताब आलम से पूछा गया, तो उन्होंने ऐसे किसी भी मरीज के अस्पताल में होने को लेकर पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर की. उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऐसा कोई लावारिस मरीज पड़ा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. हालांकि, इस संवाददाता द्वारा जब पीड़ित मरीज के बारे में पूरी जानकारी दी गई, तब चिकित्सक ने मामले को संज्ञान में लिया और तुरंत सुरक्षा गार्ड को बुलाकर उक्त अज्ञात मरीज की पर्ची कटा कर लाने का निर्देश दिया. चिकित्सक ने आश्वासन दिया कि वे इस मरीज का ट्रीटमेंट तुरंत शुरू करवा रहे हैं.

Also Read: बिहार के 120 स्कूलों में होगी मिड डे मील की जांच, बच्चों के खाने के सैंपल लेकर परखी जाएगी गुणवत्ता

विज्ञापन
निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन