जहानाबाद नगर
. पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने के आरोपित सुनील यादव उर्फ सुनील टाइगर के सजा के बिंदु पर बुधवार को सुनवाई करने के बाद जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आठ कुमार कौशल किशोर की अदालत ने भादवि की धारा 326 एवं धारा 333 के तहत पांच-पांच साल का कारावास भुगतने का फैसला सुनाया. इतना ही नहीं, न्यायालय ने आरोपी को 2000-2000 रुपये अर्थदंड भुगतान करने का भी निर्देश दिया है. न्यायालय ने आरोपी को भादवी की धारा 324 एवं 332 के तहत तीन-तीन साल का कारावास व 1000-1000 रुपये अर्थदंड भुगतान करने का निर्देश दिया है. वहीं न्यायालय ने आरोपी सुनील टाइगर को भादवी की धारा 353 के तहत 2 साल का कारावास एवं 1000 अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया है. उपरोक्त आशय की जानकारी अपर लोक अभियोजक अमरनाथ कुमार ने दी है. उन्होंने बताया कि इस मामले में जहानाबाद नगर थाना अंतर्गत कल्पा ओपी के पुलिस अवर निरीक्षक रामसुमेर कुमार ने सुनील यादव उर्फ सुनील टाइगर को नामजद कर जहानाबाद कल्पा ओपी कांड संख्या 9/23 दर्ज कराया था.
दर्ज प्राथमिकी में सूचक ने आरोप लगाया था कि 4 जनवरी 2023 को जब मैं गश्ती में था तो मुझे रंधीर कुमार के द्वारा सूचना दी गयी कि सुनील यादव उर्फ सुनील टाइगर मेरी हत्या करने के उद्देश्य से हथियार लेकर आया हुआ है. सूचना का सत्यापन करने जब हम दर्शनबिगहा पहुंचे तो सुनील यादव पुलिस बल को देखकर दर्शनबिगहा के बघार में भाग गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने कमर में छुपा कर रखे पसूली से जान मारने की नीयत से सिपाही 812 शैलेश कुमार एवं चालक सिपाही 57 हीरा कुमार को मार कर जख्मी कर दिया था. इस मामले में अभियोजन की ओर से सूचक चिकित्सक़ एवं अनुसंधानक समेत कुल नौ गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे. वहीं जब्त प्रदर्श के रूप में हमले में उपयोग किया गया पसूली भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तरफ से नियुक्त पैनल अधिवक्ता राजेश कुमार ने सुनील टाइगर का पक्ष रखा.
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