Jehanabad : हिमालय, हसदेव जंगल व सोन नदी बचाने को लेकर माले ने निकाला जुलूस

Edited by MINTU KUMAR
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हिमालय, हसदेव जंगल और सोन नदी को बचाने की मांग को लेकर भाकपा-माले कार्यालय से एक जुलूस निकाला गया. जुलूस का नेतृत्व जिला सचिव जितेंद्र यादव, रविन्द्र यादव व सुएब आलम ने किया. जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा, जहां प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया.

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अरवल. हिमालय, हसदेव जंगल और सोन नदी को बचाने की मांग को लेकर भाकपा-माले कार्यालय से एक जुलूस निकाला गया. जुलूस का नेतृत्व जिला सचिव जितेंद्र यादव, रविन्द्र यादव व सुएब आलम ने किया. जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा, जहां प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रस्तावित कानून लागू हो गया तो थार की मरुभूमि का विस्तार दिल्ली सहित सीमावर्ती राज्यों तक हो जाएगा. इससे नदियों में तूफान की स्थिति उत्पन्न होगी और पर्वतों का कटाव तेजी से होगा. वक्ताओं ने कहा कि अरावली पर्वत रेगिस्तान से उठने वाली धूल भरी आंधियों को रोकने का काम करता है. यदि 100 मीटर तक की ऊंचाई को ही पहाड़ी माना गया तो राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों की प्राकृतिक सुरक्षा दीवार कमजोर हो जाएगी, जिससे दिल्ली-जयपुर जैसे बड़े शहरों में वायु प्रदूषण और बढ़ेगा. वक्ताओं ने हसदेव जंगल अडानी को सौंपे जाने का विरोध करते हुए कहा कि वहां लाखों पेड़ों की अनियंत्रित कटाई के खिलाफ आदिवासी संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनके आंदोलन पर दमन कर रही है. इस मौके पर गब्बर सिंह, अरुण कुमार, अमीत कुशवाहा उर्फ भोला, शाहिद आलम, नीतीश कुमार, चितरंजन कुमार समेत कई लोग मौजूद थे.

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