जहानाबाद: स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी, आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की वैज्ञानिक विरासत पर हुआ मंथन

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संगोष्ठी में शामिल कॉलेज कर्मी, शिक्षक एवं छात्र | Prabhat Khabar Network

संगोष्ठी में शामिल कॉलेज कर्मी, शिक्षक एवं छात्र

जहानाबाद के स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती पर भारतीय रसायन विज्ञान की विरासत पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन हुआ.

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Jehanabad News: स्थानीय स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में भारतीय रसायन विज्ञान के जनक, प्रख्यात वैज्ञानिक एवं स्वदेशी उद्योग आंदोलन के अग्रदूत आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती के अवसर पर रसायन विज्ञान स्नातकोत्तर केंद्र एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में "भारतीय रसायन विज्ञान में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की विरासत" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन राजकुमारी सभागार में किया गया. संगोष्ठी में शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही.

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. स्वागत भाषण में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दीपक कुमार ने कहा कि आचार्य राय केवल महान वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक राष्ट्रवाद, स्वदेशी उद्योग, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रतीक थे. उन्होंने कहा कि विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य मानव जीवन को समृद्ध बनाना है और अनुसंधान तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.

आचार्य राय ने विश्व पटल पर बढ़ाया भारत का गौरव

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि इंडियन काउंसिल ऑफ केमिस्ट्स के अध्यक्ष एवं मुंगेर विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति रहे प्रो. रंजीत के. वर्मा ने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के वैज्ञानिक योगदान पर विस्तृत व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि आचार्य राय आधुनिक भारतीय रसायन विज्ञान के प्रणेता थे, जिन्होंने मरक्यूरस नाइट्राइट जैसे महत्वपूर्ण यौगिक की खोज कर विश्व वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान भारत की ओर आकर्षित किया.

उन्होंने बताया कि अपनी प्रसिद्ध कृति हिस्ट्री ऑफ हिंदू केमिस्ट्री के माध्यम से आचार्य राय ने भारतीय वैज्ञानिक परंपरा की समृद्धि को दुनिया के सामने रखा. साथ ही बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वर्क्स की स्थापना कर स्वदेशी रासायनिक और औषधि उद्योग की मजबूत नींव रखी.

अनुसंधान को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की अपील

प्रो. वर्मा ने विद्यार्थियों से अनुसंधान को केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का सशक्त उपकरण बनाने का आग्रह किया. उन्होंने हरित रसायन, सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण और औषधि निर्माण जैसे क्षेत्रों में शोध की आवश्यकता पर बल दिया.

वैज्ञानिक चेतना विकसित करने का अवसर

रसायन विज्ञान स्नातकोत्तर केंद्र के विभागाध्यक्ष डॉ. सुजय मुखोपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय रसायन दिवस भारतीय वैज्ञानिक विरासत को स्मरण करने और नई पीढ़ी में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक जिज्ञासा, प्रयोगधर्मिता और गुणवत्तापूर्ण शोध को अपनी शैक्षणिक संस्कृति का हिस्सा बनाने की सलाह दी. सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार एवं डॉ. प्रीति रानी ने भी रसायन विज्ञान के समकालीन आयामों और अनुसंधान की नई संभावनाओं पर अपने विचार रखे.

प्रतियोगिताएं और लघु फिल्म भी बनी आकर्षण का केंद्र

संगोष्ठी के दौरान आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित एक प्रेरक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिताओं का आयोजन भी हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

डॉ. सुजय मुखोपाध्याय और डॉ. अमित कुमार ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आचार्य राय के वैज्ञानिक अनुसंधानों, संस्थागत योगदान और भारतीय रासायनिक उद्योग के विकास में उनकी भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत किया.

बड़ी संख्या में शामिल हुए शिक्षक और विद्यार्थी

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर रसायन विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. संगोष्ठी ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान के प्रति रुचि और भारतीय वैज्ञानिकों की गौरवशाली परंपरा के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया.

इस अवसर पर आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. प्रतीक दास, वित्तेक्षक डॉ. विनोद कुमार राय, रामजीवन पासवान सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. अंत में डॉ. प्रीति रानी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.


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Mritunjay Jehanabad

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