मॉडल बस स्टैंड बना हुआ है बदहाल
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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उद्घाटन के 10 माह बाद भी बुनियादी सुविधाओं का है घोर अभाव पेयजल, शौचालय जैसी मुलभूत सुविधाएं भी नहीं टेंडर के अभाव में बंद पड़ा है शौचालय जहानाबाद : वर्ष 2016 के फरवरी माह में जब जिले में शहर स्थित मॉडल बस टर्मिनल का तामझाम के साथ उद्घाटन किया गया था. तब आम लोगों के […]
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उद्घाटन के 10 माह बाद भी बुनियादी सुविधाओं का है घोर अभाव
पेयजल, शौचालय जैसी मुलभूत सुविधाएं भी नहीं
टेंडर के अभाव में बंद पड़ा है शौचालय
जहानाबाद : वर्ष 2016 के फरवरी माह में जब जिले में शहर स्थित मॉडल बस टर्मिनल का तामझाम के साथ उद्घाटन किया गया था. तब आम लोगों के साथ साथ दैनिक यात्रियों के जेहन में सुखद अनुभूति का एहसास हुआ था. लेकिन उद्घाटन के 10 माह बाद भी ऊपर से चकाचक दिखने वाला शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम के द्वारा निर्मित बस टर्मिनल का हाल बदहाल है. मॉडल बस स्टैंड के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है.
नियमित साफ सफाई नहीं होने के कारण बस स्टैंड में कई जगहों पर कूड़े का ढेर लगा है. देखरेख के अभाव में आम लोगों की सुविधा के लिए करोड़ों से बनाये गये बस स्टैंड का समुचित लाभ आम यात्रियों को नहीं मिल रहा है. दूर से सुंदर दिखने वाला बस टर्मिनल में यात्री जैसे ही नजदीक पहुंचते हैं उसकी बदहाल स्थिति देख वहां बैठना तो दूर खड़ा रहने से भी परहेज करते हैं. बस टर्मिनल में धूल एवं गंदगी रहने के कारण यात्री घंटो खड़ा होकर बस की प्रतीक्षा करते दिखते हैं. कागजी खानापूर्ति व प्रक्रिया की पेच में बस स्टैंड के अंदर बना शौचालय का लाभ आम यात्रियों को नहीं मिल रहा है. शौचालय में ताला बंद रहने के कारण प्रसाधन के लिए लोगों को अन्यत्र स्थानों का सहारा लेना पड़ता है. शौचालय के अभाव में खासकर बुढ़े बच्चे एवं महिला यात्री को काफी परेशानी होती है.
प्रसाधन के अभाव में महिलायें खुले में शौच करने को मजबूर दिखती हैं. करीब पांच करोड़ की लागत से बना यह बस टर्मिनल में ऐसे तो कई सुविधा आम यात्रियों के लिए बनाया गया है लेकिन अभी तक बनाये गये मॉडल बस स्टैंड में आम यात्रियों को एक भी सुविधा नहीं मिल रही है. टर्मिनल के प्रतीक्षालय में कूड़े का ढेर लगा है. गंदगी के अंबार रहने से प्रतीक्षालय से दुर्गंध एवं दिन में भी मच्छर का प्रकोप बढ़ा रहता है. बस स्टैंड के चारों तरफ फर्श पर गंदगी व धूल फैली रहने से यात्री बस टर्मिनल का उपयोग नहीं कर पाते हैं. यात्रियों की खान पान की सुविधा के लिए मॉडल बस स्टैंड में सुंदर सा रेस्टोरेंट का निर्माण कराया गया है लेकिन फरवरी 2016 के उद्घाटन के बाद से रेस्टोरेंट भवन का ताला नहीं खुल पाया है. बुनियादी सुविधाओं का दंश झेल रहा बस टर्मिनल में पेयजल जैसी मुलभूत सुविधा का भी अभाव है.
प्रतिदिन गया, पटना, बिहारशरीफ, अरवल सहित कई सीमावर्ती जिले से हजारों की संख्या में यात्रियों का आना जाना लगा रहता है. लेकिन पेयजल एवं शौचालय जैसे महत्वपूर्ण साधन का अभाव लोगों को खटकता रहता है. पेयजल की कमी रहने के कारण यात्री पीने के पानी के लिए होटल संचालक के पास कर जोरी करते दिखते हैं या फिर मजबूरी में बोतल बंद पानी खरीदते हैं. आम यात्रियों ने प्रशासन से आये दिन हो रही परेशानी से निजात दिलाने की मांग की है. बस स्टैंड में नियमित साफ सफाई व पेयजल एवं शौचालय जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं बहाल करने की मांग की है.
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