पैसे के आभाव में कभी नानी के घर रहकर की पढ़ाई, पहले ही प्रयास में बने असिस्टेंट कमिश्नर

Edited by Karuna Tiwari
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BPSC Success Story Yogendra Narayan

BPSC Success Story: जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड अंतर्गत उबेर गांव के होनहार युवक योगेन्द्र नारायण उर्फ राजा बाबू ने BPSC70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. उन्होंने 106वीं रैंक प्राप्त कर राज्य कर सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner, State Tax) के पद पर चयन सुनिश्चित किया है.

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BPSC Success Story: योगेन्द्र नारायण ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 106वीं रैंक हासिल कर राज्य कर सहायक आयुक्त के प्रतिष्ठित पद पर चयन प्राप्त किया है. उनकी सफलता से उबेर गांव सहित पूरे घोसी प्रखंड में उत्साह का माहौल है. परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया.

समाजसेवी परिवार से रखते हैं संबंध

मिली जानकारी के अनुसार योगेन्द्र नारायण उबेर गांव निवासी समाजसेवी लखी नारायण चन्द्रवंशी और संगीता देवी के बड़े पुत्र हैं. परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं. माता-पिता का कहना है कि योगेन्द्र बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर, अनुशासित और मेहनती रहे हैं. वह हमेशा मेधावी छात्रों में गिने जाते थे.

नालंदा से लेकर दिल्ली तक पूरी की उच्च शिक्षा

योगेन्द्र ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई नालंदा जिले के इस्लामपुर क्षेत्र स्थित बुढ़ानगर दुर्गा स्थान में अपनी नानी के घर रहकर पूरी की. इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की. उच्च शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), नई दिल्ली से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया.

पहले प्रयास में बने राजस्व अधिकारी

योगेन्द्र नारायण ने अपने पहले ही प्रयास में बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर राजस्व अधिकारी का पद हासिल किया था. वर्तमान में वह मधुबनी जिले के कलुआही अंचल में राजस्व अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और बीपीएससी 70वीं परीक्षा में सफलता प्राप्त की.

नौकरी के साथ की तैयारी, हासिल किया बड़ा मुकाम

सेवा में रहते हुए योगेन्द्र ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर बीपीएससी 70वीं परीक्षा में 106वीं रैंक हासिल की. उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो नौकरी के साथ भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है.

युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत

योगेन्द्र की सफलता से गांव और आसपास के क्षेत्र के युवाओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी. जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं.

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लेखक के बारे में

By Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

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