जहानाबाद ब्लड बैंक में खून का भारी संकट, सिर्फ दो यूनिट ओ पॉजिटिव और एक यूनिट ए निगेटिव बचा

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सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक ब्लड बैंक के नोटिस बोर्ड पर खून की उपलब्धता | Prabhat Khabar Network

जहानाबाद सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी हो गई है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. कई मरीजों के परिजनों को खून के इंतजाम के लिए पटना जाना पड़ रहा है।

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jehanabad News : सदर अस्पताल, जहानाबाद के ब्लड बैंक में खून की भारी कमी हो गयी है. स्थिति यह है कि शुक्रवार को ब्लड बैंक में सिर्फ दो यूनिट ओ पॉजिटिव और एक यूनिट ए निगेटिव ब्लड उपलब्ध था. इसके अलावा किसी भी ग्रुप का पॉजिटिव या निगेटिव ब्लड स्टॉक में नहीं है. ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को उनके ग्रुप का खून नहीं मिल पा रहा है और कई मरीजों के परिजनों को मजबूरी में रक्त की व्यवस्था के लिए पटना का रुख करना पड़ रहा है.

रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चलाया गया था जागरूकता

जिले के एकमात्र सरकारी ब्लड बैंक में काफी समय से रक्त की कमी बनी हुई है. रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पिछले 1 अगस्त को रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था, लेकिन पर्याप्त संख्या में लोग रक्तदान के लिए नहीं पहुंचे. दो-तीन लोग रक्तदान के लिए आये भी, लेकिन चिकित्सकीय कारणों से उनका रक्त नहीं लिया जा सका. इसके कारण ब्लड बैंक का स्टॉक नहीं बढ़ पाया.

गरीब मरीजों की बढ़ी परेशानी

ब्लड बैंक में ए निगेटिव और ओ पॉजिटिव के अलावा अन्य ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं होने से गरीब मरीजों के परिजनों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. जरूरत के समय रक्त नहीं मिलने पर उन्हें पटना जाना पड़ता है. आपात स्थिति में समय पर रक्त की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों की जान पर भी खतरा पैदा हो सकता है. सदर अस्पताल के अलावा जिले में कोई अन्य सरकारी ब्लड बैंक नहीं है. एक निजी ब्लड बैंक जरूर संचालित है, लेकिन वहां से गरीब मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था करना आसान नहीं है. ऐसे में सदर अस्पताल का ब्लड बैंक ही जिले के बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों के लिए प्रमुख सहारा है.

शिविर के कुछ दिनों बाद फिर खाली होने लगता है स्टॉक

ब्लड बैंक में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किये जाते हैं, लेकिन शिविर के कुछ दिनों बाद ही स्टॉक फिर कम होने लगता है. रक्तदान शिविरों से प्राप्त रक्त का एक हिस्सा थैलेसीमिया मरीजों की जरूरत पूरी करने में इस्तेमाल होता है. इसके अलावा आपातकालीन मरीजों को भी रक्त उपलब्ध कराया जाता है.

नियम के अनुसार रक्त लेने वाले मरीज के परिजन से भी रक्तदान करने की अपील की जाती है, ताकि ब्लड बैंक का स्टॉक बना रहे. लेकिन कई परिजन रक्त लेने के बावजूद बदले में रक्तदान करने से कतराते हैं.

नियमित रक्तदाताओं के भरोसे ब्लड बैंक

ब्लड बैंक की स्थिति सुधारने में कुछ सामाजिक संगठनों और नियमित रक्तदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. समय-समय पर संगठन रक्तदान शिविर लगाकर ब्लड बैंक को रक्त उपलब्ध कराते हैं. वहीं कुछ नियमित रक्तदाता भी अंतराल पर रक्तदान करते रहते हैं. इन्हीं के सहयोग से ब्लड बैंक की व्यवस्था किसी तरह चल रही है.

बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान की जरूरत

रक्त की कमी दूर करने के लिए जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत महसूस की जा रही है. सरकारी कार्यालयों, विभिन्न विभागों, सामाजिक संगठनों, कॉलेजों और युवाओं वाले शैक्षणिक संस्थानों में अभियान चलाकर लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा सकता है. इसके साथ ही रक्तदान को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करने और इसके महत्व की जानकारी देने की भी आवश्यकता है.

क्या कहते हैं प्रभारी

सदर अस्पताल के प्रभारी ब्लड बैंक डॉ. अमर कुमार ने बताया कि आम लोग ब्लड लेना तो चाहते हैं, लेकिन रक्तदान करने से कतराते हैं. कुछ संगठन बीच-बीच में रक्तदान शिविर लगाकर ब्लड बैंक को रक्त उपलब्ध कराते हैं. इसके अलावा कुछ नियमित रक्तदाता भी हैं, जो समय-समय पर रक्तदान करते हैं. इन्हीं के सहारे जहानाबाद का ब्लड बैंक किसी तरह संचालित हो रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले रक्तदान शिविर में एक यूनिट भी रक्त का संग्रह नहीं हो सका. फिलहाल इमरजेंसी ड्यूटी लगी हुई है. इससे समय मिलने के बाद फिर रक्तदान शिविर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा.


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Sanjay Anurag

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