लाखों हुए खर्च, यात्री सुविधाएं नदारद
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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अनदेखी . जहानाबाद मॉडल बस अड्डे पर यात्री सुविधाओं का टोटा, बढ़ी परेशानी जहानाबाद नगर : नगर विकास एवं आवास विभाग के बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा मॉडल बस टर्मिनल का निर्माण कराया गया था. इसके निर्माण में करीब 529.01 लाख खर्च हुए थे. बस टर्मिनल का लोकार्पण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने […]
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अनदेखी . जहानाबाद मॉडल बस अड्डे पर यात्री सुविधाओं का टोटा, बढ़ी परेशानी
जहानाबाद नगर : नगर विकास एवं आवास विभाग के बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा मॉडल बस टर्मिनल का निर्माण कराया गया था. इसके निर्माण में करीब 529.01 लाख खर्च हुए थे. बस टर्मिनल का लोकार्पण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 24 फरवरी 2016 को किया था. तब से इस बस टर्मिनल से प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों के लिए बस सेवा का परिचालन तो हो रहा है.
झारखंड के टाटा, बोकारो, धनबाद, रांची, उत्तर प्रदेश के वाराणसी आदि शहरों के लिए भी यहां से बस सेवा प्रदान की जा रही है, लेकिन इस मॉडल बस टर्मिनल में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. गंदगी के बीच यात्री यहां से अपनी यात्रा तो आरंभ करते हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ता है. बस पड़ाव में पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस मॉडल बस स्टैंड निर्माण का शिलान्यास तत्कालीन नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने 23 नवंबर 2014 को किया था. उस समय बस स्टैंड निर्माण की प्राकलित राशि 310 लाख रुपये थी. जो निर्माण के साथ ही बढ़कर 529.01 लाख हो गयी.
बस टर्मिनल के लोकार्पण के उपरांत यहां से यात्रा आरंभ करने वाले यात्रियों को यह आशा थी कि अब उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेगी.मॉडल टर्मिनल का निर्माण तो हुआ, लेकिन सुविधाएं नदारद नहीं मिलीं. मॉडल बस स्टैंड से नगर परिषद को 22 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है.
शौचालय में तालाबंदी के कारण खुले में शौच के लिए मजबूर हैं यात्री : मॉडल बस टर्मिनल में यूं तो करीब आधे दर्जन से अधिक शौचालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन इन शौचालयों में ताला लटका हुआ है. बस टर्मिनल का लोकार्पण तो हो गया, लेकिन शौचालय का ताला नहीं खुला. ऐसे में यात्री खुले में शौच करने को मजबूर हैं.
मॉडल बस स्टैंड तो बना लेकिन सुविधाएं नहीं मिली. बस स्टैंड का बिल्डिंग तो चकाचक बन गया, लेकिन पेयजल व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं बहाल नहीं हुयी.विजय कुमार
बस स्टैंड में गंदगी का अंबार लगा है. चारों तरफ गंदगी फैले रहने के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है पेयजल की समस्या काफी गंभीर है.
नागेंद्र कुमार
पेयजल की व्यवस्था
बस स्टैंड में शीघ्र ही पेयजल व शौचालय की व्यवस्था करायी जायेगी इसके लिए कार्य प्रगति पर है. शौचालय तो शीघ्र ही आम यात्रियों के लिए खोलवा दिया जायेगा.
संजीव कुमार
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