बारिश से खिले किसानों के चेहरे

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चार दिनों में चौदह प्रतिशत तक हुई धान की रोपनी 60 से 74 प्रतिशत पर पहुंची धान रोपनी जहानाबाद : जिले में लगातार हो रही बारिश से किसानों का चेहरा खिल उठा है. तीन दिन पूर्व तक किसान अपने रोपे गये धान के फसल को बचाने में जुटे थे. किसानों को अपने रोपे गये धान […]

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चार दिनों में चौदह प्रतिशत तक हुई धान की रोपनी
60 से 74 प्रतिशत पर पहुंची धान रोपनी
जहानाबाद : जिले में लगातार हो रही बारिश से किसानों का चेहरा खिल उठा है. तीन दिन पूर्व तक किसान अपने रोपे गये धान के फसल को बचाने में जुटे थे. किसानों को अपने रोपे गये धान के फसल मारे जाने की चिंता सता रही थी. नदी में बाढ़ का पानी आते ही किसानों के चेहरे से चिंता की लकीर खत्म हो गयी है.
चार दिन से लगातार झमाझम बारिश होने के कारण रोपे गये धान के खेत में चारों तरफ बाढ का पानी फैल गया है. रूक-रूक कर हो ही बारिश की वजह से ग्रामीण क्षेत्र के आहर पानी से लबालब भर गया है. वहीं पइन में बाढ के पानी अधिक पहुंचने के कारण किसानों के उंचे तरखे खेत में भी पानी भर गया है. पानी भरने के बाद किसान उंचे खेत को जोतने कोडने में जूट गये है.
पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने के साथ कृषक उंचे खेत में भी धान का फसल लगाने में जूटे है. हालांकि सरकारी तौर पर जुलाई से 15 अगस्त तक धान रोपनी का उचित समय माना गया है. लेकिन अधिकारिक तौर पर बीस से 25 अगस्त तक किसानों को धान रोपने की बात बतायी जा रही है. बताया जाता है कि चार दिन पूर्व तक जिले में 60 प्रतिशत ही धान रोपा गया था. बारिश होने के बाद धान रोपनी के रेसियों में चार दिन में 14 प्रतिशत बढकर 74 प्रतिशत हो गया है.
दो चार दिन में धान रोपनी का प्रतिशत और बढने की उम्मीद है. हालांकि जिले के घोसी प्रखंड सहित कई जगहों से बाढ का पानी अधिक आ जाने के कारण कीचड़ के साथ धान का फसल को भी काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जतायी जा रही है. किसान कन्हाई शर्मा, रामाकांत शर्मा, अरूण सिंह, सहित कई लोगों ने बताया कि नये प्रभेद किस्म के धान का बीचड़ा होने के कारण धान की फसल पिछड़ गयी है. धान के रोपाई पिछे होने के कारण उपज कम होती है साथ ही रबी फसल भी पिछडने की संभावना बनी रहती है. फिलहाल पानी के अभाव में परती खेत को पानी मिलते ही धान के फसल लगाने में जूटे हैं.
शीघ्र होगा निरीक्षण
इधर जिला कृषि पदाधिकारी शंकर झा ने चार दिन में धान की रोपनी कार्य 60 प्रतिशत से बढकर 74 प्रतिशत पहुंचने की बात बतायी साथ ही किसानों को 25 अगस्त तक धान रोपने की सलाह दी है. उन्होंने बताया है कि जिले में घोसी सहित कई जगहों से धान के बिचड़े को क्षति पहुंचने की खबर आ रही है. जल्द ही निरीक्षण कर आकलन किया जायेगा.
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