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हिट एंड रन मामले में जिले में 76 मामलों का हुआ निष्पादन

Updated at : 02 Oct 2024 11:00 PM (IST)
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हिट एंड रन मामले में जिले में 76 मामलों का हुआ निष्पादन

जिले में हिट एंड रन मामले में मारे गए और घायल लोगों के परिजनों को मुआवजे की राशि मिलनी शुरू हो गयी है. परिवहन विभाग के प्रयास से ऐसे 76 मामलों का निष्पादन किया गया है और उनके परिजनों को मुआवजे की राशि दिलायी गयी है.

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जहानाबाद

. जिले में हिट एंड रन मामले में मारे गए और घायल लोगों के परिजनों को मुआवजे की राशि मिलनी शुरू हो गयी है. परिवहन विभाग के प्रयास से ऐसे 76 मामलों का निष्पादन किया गया है और उनके परिजनों को मुआवजे की राशि दिलायी गयी है. हिट एंड रन मामला उस समय चर्चा में आया है. जब संसद में इस मामले में नया कानून पास कराया गया जिसमे कडी सजा का प्रावधान किया गया था. इसके बाद देश भर के चालकों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की थी. हीट एंड रन मामला उसे कहा जाता है, जब कोई अज्ञात वाहन किसी व्यक्ति को कुचलकर या ठोकर मारकर भाग जाता है. इसके बाद उसे मृतक अथवा घायल व्यक्ति को मुआवजा देने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.

सड़क पर चलने वाले प्रत्येक वाहन का इंश्योरेंस कराया जाता है. बगैर इंश्योरेंस की कोई भी गाड़ी सड़क पर नहीं चल सकती है, क्योंकि बिना इंश्योरेंस के किसी भी गाड़ी का ना तो रजिस्ट्रेशन होता है न ही फिटनेस बनती है और न ही परमिट बनता है. किसी भी कंपनी से इंश्योरेंस में उस वाहन और वाहन पर बैठे ड्राइवर और खलासी के साथ-साथ थर्ड पार्टी का भी इंश्योरेंस होता है यानी उक्त वाहन से दुर्घटना होने पर सड़क पर चल रहे किसी दूसरे व्यक्ति को थर्ड पार्टी कहते हैं, वह व्यक्ति पैदल या किसी दूसरे वाहन पर सवार हो सकता है. ऐसे में किसी इंश्योर्ड वाहन से दुर्घटना होने पर अगर किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है अथवा कोई घायल हो जाता है तो उसे मृत व्यक्ति के परिजन अथवा घायल के द्वारा क्लेम करने पर उक्त इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा मुआवजे की राशि दी जाती है किंतु जब कोई गाड़ी किसी व्यक्ति या दूसरे वाहन को कुचलकर या ठोकर मार कर भाग जाता है तो ऐसी घटना में दुर्घटना में किसी व्यक्ति की जान जाने अथवा घायल होने पर उक्त व्यक्ति अथवा उसके परिजन को अब तक मुआवजे मिलने में बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता था या दूसरे शब्दों में कहें तो मुआवजा नहीं मिल पाता था.

इन सब मामलों को देखते हुए सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों से बातचीत कर ऐसी घटना में मृत व्यक्तियों के परिजनों अथवा घायलों को मुआवजा दिलवाले का रास्ता निकाला है. ऐसे ही हिट एंड रन मामलों के शिकार हुए पीड़ित व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्यों के द्वारा मुआवजे के लिए जहानाबाद जिला परिवहन कार्यालय को 89 आवेदन प्राप्त हुए थे. काफी समय से आवेदन लंबित थे. अब इन आवेदनों में से 76 आवेदनों का निष्पादन किया गया है. इन मामलों में मृतक के परिजनों को 200000 की मुआवजा राशि उनके परिजनों को दी गई है. जबकि घायलों को 50000 का मुआवजा दिया गया है. वैसे मामलों में जिसमें दुर्घटना के बाद दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन की जानकारी होती है. उसमे मृतक के परिजनों को कम से कम पांच लाख रुपए और घायलों को ढाई लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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