फोरेंसिक जांच टीम ने शुरू किया अनुसंधान

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जहानाबाद : जिले में विगत एक सप्ताह से एटीएम चोरों का गिरोह सक्रिय था. कड़ौना ओपी के कनौदी में पीएनबी और मखदुमपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में चोरी की कोशिश नाकाम होने के बाद अंतत: तीसरी बार चोरों को सफलता हाथ लग गयी. भेलावर ओपी के हाटी गांव में संचालित एसबीआइ के एटीएम […]

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जहानाबाद : जिले में विगत एक सप्ताह से एटीएम चोरों का गिरोह सक्रिय था. कड़ौना ओपी के कनौदी में पीएनबी और मखदुमपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में चोरी की कोशिश नाकाम होने के बाद अंतत: तीसरी बार चोरों को सफलता हाथ लग गयी. भेलावर ओपी के हाटी गांव में संचालित एसबीआइ के एटीएम में चोरी के मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक कुमार गौरव के बयान पर थाने में अज्ञात के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गयी है,

जिसमें 11 लाख 56 हजार रुपए से भरा कैश बॉक्स ले भागने का जिक्र किया गया है. एटीएम उखाड़ कर नोटो से भरा कैश बॉक्स ले भागने के मामले की जांच पुलिस ने तेजी से शुरू कर दिया है. पटना से आयी फोरेंसिक जांच टीम के पांच सदस्य मंगलवार को हाटी पहुंचे और वहां टूटे हुए शीशे पर गिरे खून और गेट पर हाथ के धब्बे का निशान लिया. बालू पर क्षतिग्रस्त पड़े मॉनीटर की भी टीम के सदस्यों ने जांच की.

किया बड़े वाहन का उपयोग:एटीएम को जिस ढंग से तोड़ा गया है उससे प्रतीत हो रहा है कि अपराधियों ने इसमें किसी बडे वाहन का उपयोग किया है. घटनास्थल पर मौजूद बैंक के चैनल मैनेजर हरीश झा के अनुसार मॉनीटर के नीचे कैश बॉक्स को चार मजबूत लोहे की छड़ से बेस में फिक्स किया जाता है. उसे दो चार आदमी मिलकर भी नहीं उखाड़ सकते. अनुमान लगाया गया है कि एटीएम का शटर फिर शीशे का गेट तोडने के बाद अपराधियों ने मोटे रस्से से कैस बॉक्स और मॉनीटर को बांधा होगा और किसी बड़े वाहन से खींचकर उखाड़ा. यह घटना शातिर और जानकार गिरोह की करतूत कही जाती है. इसमें अंतर जिला गिरोह के अपराधियों का हाथ होने की संभावना जतायी जा रही है.
एनसीआर के अधीन संचालित हो रहा थी एटीएम :वैसे तो जिले में एसबीआइ की 23 एटीएम संचालित है जिसमें जहानाबाद मेन ब्रांच से टैग 17 में से 13 एटीएम एनसीआर संस्था से संचालित है. एटीएम स्थापित करने उसका रख-रखाव और संचालन करने, उसमें रूपए डालने की जिम्मेवारी, एनसीआर संस्था के अधीन है.
डाले गये थे चार एटीएम में 76 लाख रुपये:घटना के दिन यानि सोमवार को एनसीआर के अधिकारियों के द्वारा अपने अधीन संचालित एसबीआई के चार एटीएम में 76 लाख रुपये डाले गये थे. हाटी स्थित एसबीआई के एटीएम नंबर 11 में 6 लाख रुपए सोमवार को अपराह्न 2 बजकर 50 मिनट पर डाले गये थे. इसके पूर्व जहानाबाद शहर के काको मोड़ बस पड़ाव के समीप एसबीआई कृषि शाखा के एटीएम नंबर 5 और 6 एवं अंबेदकर चौक के निकट 9 नंबर के एटीएम में कैश भरे गये थे. कुल 76 लाख रुपए इन चारों एटीएम में भरे जाने की जानकारी दी है कि एनसीआर के लोडिंग वरीय परसन अश्विनी कुमार ने. घटना की सूचना पाकर वे अपनी संस्था (एनसीआर) के मगध जोन इंचार्ज पंकज सिन्हा के साथ हाटी आए थे.
अधिकतर बैंक व एटीएम में नहीं है सुरक्षा की व्यवस्था :जिले के अधिकांश बैँक ऐसे है जहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. कमोवेश यही हालत है एटीएम की. मध्य बिहार ग्रामीण बैंक की तो सभी शखाएं सुरक्षा विहिन है. प्राइवेट बैंकों के कई एटीएम पर सुरक्षा गार्ड नहीं है. टेहटा स्थित इंडिया वन के एटीएम को 15 नंवम्बर 2015 को उखाड़ ले भागने और इसके दो दिन बाद इसी एटीएम की विशनुगंज शाखा में चोरी का प्रयास किया गया था. वहां भी सुरक्षा गार्ड नहीं थे. 1 जनवरी को कनौदी स्थित पीएनबी के एटीएम में भी सुरक्षा बल नहीं रहने से चोरों ने वहां शटर काटने की कोशिश की थी. हाटी स्थित एसबीआई के एटीएम में भी सुरक्षा गार्ड की कोई व्यवस्था नहीं थी.
एसपी की नसीहत का असर नहीं :टेहटा में साढे 9 लाख रुपया भरा एटीएम का कैश बॉक्स ले भागने और विशुनगंज में चोरी के प्रयास के बाद एसपी आदित्य कुमार ने दो बार जिले के विभिन्न् बैंकों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी. उस वक्त उन्होंने अपने स्तर से सुरक्षा की चाक- चौबंद व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था. बैंकों के खुलने, बंद होने और एटीएम में रुपये ले जाने के वक्त पुलिस चौकसी तेज की गयी थी. साथ ही बैंक कर्मियों को निर्देशित किया गया था कि वे भी अपने-अपने स्तर से बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ करें. जिस बैँक और एटीएम में गार्ड नहीं है
वहां उसकी व्यवस्था करें. सीसीटीवी की संख्या बढायें, उसका ऐंगिल ठीक करें. खराब पड़े सीसीटीवी को दुरूस्त करें. लेकिन इस पर ठोस अमल नहीं किया जा रहा है. जिसका परिणाम यह हो रहा है कि एटीएम में या तो चोरी हो रही है या फिर चोरी के प्रयास किये जा रहे है. यदि अभी भी बैंकों और एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था मजबुत नहीं की गयी तो ऐसी स्थिति में अप्रिय घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.
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