Jehanabad : मखदुमपुर में 15 वर्षीय मो हुजैफा बने हाफिज-ए-कुरआन

Edited by MINTU KUMAR
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जिले के मखदुमपुर डीह स्थित मदरसा जामिया दारुल फलाह में 15 वर्षीय मो हुजैफा ने गुरुवार को पूरी तरह क़ुरआन याद कर हाफिज-ए-क़ुरआन की उपाधि हासिल की.

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मखदुमपुर. जिले के मखदुमपुर डीह स्थित मदरसा जामिया दारुल फलाह में 15 वर्षीय मो हुजैफा ने गुरुवार को पूरी तरह क़ुरआन याद कर हाफिज-ए-क़ुरआन की उपाधि हासिल की. हाफिज हुजैफा ने अपने शिक्षक कारी मुस्लिम और अन्य हाफ़िजों की मौजूदगी में कुरआन को सुनाकर मुकम्मल किया. इस अवसर पर मदरसा के संचालक कारी मुस्लिम, कारी सादिक, कारी वाषिकुर्रह्मान और कारी मेहबूब इलाही भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान कारी मुस्लिम ने कहा कि क़ुरआन ऐसी पुस्तक है जो लोगों के दिलों में महफूज रहती है. इसे पढ़ने से दुनिया और आख़िरत में सुकून मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों के लिए क़ुरआन पढ़ना जितना जरूरी है, समझना और उस पर अमल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. कारी मुस्लिम ने आगे कहा कि हर किसी को हाफ़िज या कारी बनाना जरूरी नहीं है, जैसे हर किसी को इंजीनियर या डॉक्टर नहीं बनना होता, लेकिन दीनदार होना अत्यंत आवश्यक है.

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