एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण अस्पताल में होता है हंगामा
Updated at : 03 Jan 2020 6:22 AM (IST)
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जहानाबाद नगर : सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले वैसे मरीज जिन्हें बड़े अस्पताल में विशेष इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता है और उन्हें समय पर एंबुलेंस नहीं मिलता है जिसके कारण अक्सर अस्पताल में हंगामा होता है. समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण मरीज व उनके परिजनों के गुस्से का […]
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जहानाबाद नगर : सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले वैसे मरीज जिन्हें बड़े अस्पताल में विशेष इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता है और उन्हें समय पर एंबुलेंस नहीं मिलता है जिसके कारण अक्सर अस्पताल में हंगामा होता है.
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण मरीज व उनके परिजनों के गुस्से का शिकार ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक व कर्मियों को बनना पड़ता है. कई बार तो मारपीट तक की घटना हो जाती है. इसके बाद भी समय पर मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध हो, इस ओर कोई विशेष पहल नहीं किया जा रहा है. सदर अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत एंबुलेंस का संचालन कराया जाता है.
एंबुलेंस की सुविधा के लिए मरीज को पहले आउटसोर्सिंग कंपनी के टोल फ्री नंबर पर बात करना होता है या फिर एंबुलेंस चालक के नंबर पर संपर्क करना होता है. बात करने के दौरान मरीज की स्थिति से लेकर अन्य कई तरह की जानकारी देनी होती है. जानकारी लेने के बाद कई बार तो एंबुलेंस के लिए इंतजार करने की सलाह दी जाती है. बताया जाता है कि एंबुलेंस अभी किसी अन्य मरीज को लेकर गया है.
जब वह वापस आयेगा तभी यह सुविधा मिल पायेगी. ऐसे में इमरजेंसी मरीज के परिजन आक्रोशित हो जाते हैं और अपने गुस्से का शिकार वहां उपलब्ध चिकित्सक व कर्मियों को बनाते हैं.सदर अस्पताल में पांच एंबुलेंस का परिचालन होता है जिसमें दो एंबुलेंस विभाग का अपना एंबुलेंस है जो कि पैसा लेकर सुविधा उपलब्ध कराता है. ऐसे में कोई भी मरीज इस एंबुलेंस की सुविधा नहीं लेना चाहता है.
वहीं दो 102 एंबुलेंस का परिचालन होता है तथा एक 1099 एंबुलेंस का परिचालन होता है जो कि लाइफ सपोर्टेड एंबुलेंस है. 102 एंबुलेंस अक्सर प्रसूता को लाने-ले जाने में ही व्यस्त रहता है. ऐसे में बड़े अस्पताल में रेफर किये गये मरीजों को ले जाने के लिए सिर्फ एक एंबुलेंस 1099 ही बचता है जिसकी सुविधा सभी मरीजों को नहीं मिल पाती. ऐसे में जिन मरीज के साथ परिजनों की संख्या कम होती है वे निजी एंबुलेंस का सहारा लेकर अपने मरीज को बड़े अस्पताल चले जाते हैं .
लेकिन वैसे मरीज जो कि दुर्घटनाग्रस्त होते हैं और जिनके साथ लोगों की हुजूम होती है वैसे मरीज को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने पर हंगामा होने लगता है. इस तरह की घटनाएं अक्सर सदर अस्पताल में होती हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
कई बार एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को तत्काल उसकी सुविधा नहीं मिल पाता है. ऐसे में मरीज आक्रोशित हो जाते हैं तथा वहां मौजूद चिकित्सक व कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार करने लगते हैं. यह काफी गंभीर मामला है. ऐसे में कोई चिकित्सक इलाज करने को भी तैयार नहीं हो पायेगा.
डॉ बीके झा, प्रभारी अधीक्षक, सदर अस्पताल
एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण हुआ अभद्र व्यवहार
बुधवार की रात एक दुर्घटनाग्रस्त मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचा था. मरीज की स्थिति को गंभीर देखते हुए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद विशेष इलाज के लिए उसे पटना ले जाने की सलाह दी गयी थी. चिकित्सक द्वारा मरीज के पर्ची पर रेफर भी कर दिया गया था. परिजनों मरीज को ले जाने के लिए एंबुलेंस ढूंढ रहे थे लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं मिला जिसके कारण शव वाहन के चालक के साथ मरीज के परिजन द्वारा मारपीट की गयी.
इतना ही नहीं, गुस्साये परिजन चिकित्सक के साथ भी अभद्र व्यवहार किया. हालांकि चिकित्सक का कहना था कि एंबुलेंस आउटसोर्सिंग के तहत संचालित होता है. इसमें उनलोगों की कोई भूमिका नहीं होती लेकिन गुस्साये परिजन उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार करने से बाज नहीं आये.
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