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वक्फ संसोधन बिल के पेश होने से पहले JDU का बड़ा दावा, पार्टी ने बिल में संसोधन का रखा प्रस्ताव

Updated at : 01 Apr 2025 4:58 PM (IST)
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बैठे हुए

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बैठे हुए

वक्फ संसोधन बिल : वक्फ संसोधन बिल के पेश होने से पहले जेडीयू ने बिल को लेकर अपनी राय रखी है. पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि वक्फ बिल पर बनाए गए जेपीसी में पार्टी के सांसद दिलेश्वर कामत ने अस्पसंख्यकों के सभी सवालों को कमेटी के सामने रखा.

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वक्फ संसोधन बिल 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जाएगा. इससे पहले एनडीए में शामिल जदयू ने इस मामले को लेकर अपनी बात रखी है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर कहा कि इस विधेयक को लेकर मुस्लिम समुदाय के महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी और अपनी आशंकाएं बताई थीं. उन आशंकाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने पार्टी के नेताओं को जेपीसी में रखने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता सदैव अल्पसंख्यक समुदाय के साथ रही है.

जेडीयू राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन
जेडीयू राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन

जेडीयू सांसद ने बिल के संसोधन में रखा प्रस्ताव : JDU 

उन्होंने कहा, “जेपीसी में पार्टी के प्रतिनिधि सांसद दिलेश्वर कामत ने सभी सवालों को रखा. मुझे विश्वास है कि इस विधेयक के मसौदे में उसे शामिल भी किया गया होगा.” उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा समाज के सभी वर्गों के विकास के साथ अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को हर समय न्याय दिया है. बिहार में उनके शासनकाल में कभी दंगे नहीं हुए. कभी कर्फ्यू लगाने की स्थिति नहीं आई. बिहार में नीतीश कुमार के सत्ता में आने के पहले राजद के शासनकाल में 11 दंगे हुए, कांग्रेस के शासनकाल में भागलपुर दंगे हुए. इन दंगों में पीड़ितों को न्याय नीतीश कुमार के काल में मिला. इसके बाद अल्पसंख्यक कल्याण के कार्यों को भी अमलीजामा पहनाया गया. बिहार आज अमन-चैन का प्रदेश बना है और यह एक मॉडल है. 

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बिहार के मुसलमान नीतीश कुमार के साथ

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बिहार के अल्पसंख्यक बराबर नीतीश कुमार के साथ हैं. इनके नीतियों और फैसलों में नीतीश की सहभागिता पहले भी थी और आज भी है. बताया गया है कि वक्फ संशोधन विधेयक दो अप्रैल (बुधवार) को प्रश्नकाल के तुरंत बाद लोकसभा में पेश किया जाएगा और इसके बाद आठ घंटे इस पर चर्चा की जाएगी. इसे लेकर बिहार में खूब सियासत हो रही है. 

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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