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सोनो चौक दुर्गा मंदिर में 1950 से हो रही माता की पूजा

Updated at : 06 Oct 2024 10:31 PM (IST)
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सोनो चौक दुर्गा मंदिर में 1950 से हो रही माता की पूजा

ढाका व कोलकाता होते हुए मां दुर्गा के पूजनोत्सव का सफर पहुंचा था सोनो

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सोनो. प्रखंड मुख्यालय के सोनो चौक स्थित दुर्गा माता मंदिर में शारदीय दुर्गा पूजनोत्सव बड़े ही भव्य तरीके से किया जाता है. यह मंदिर लंबे समय से भक्तों के लिए श्रद्धा, भक्ति और आस्था का केंद्र है. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कलश स्थापन सह प्रथम पूजन के दिन से ही सुबह और शाम में यहां भक्तों की भीड़ लग रही है. खासकर संध्या आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता की आराधना कर रहे हैं. मंदिर में सर्वाधिक भीड़ महाष्टमी और दशमी को होती है. यहां अष्टमी के दिन से ही मेला लगने लगता है, पर दशमी के दिन मेला में लोग भारी संख्या में उमड़ते हैं.

साढ़े सात दशक से हो रही मां की पूजा

इस मंदिर में माता का पूजनोत्सव लगभग साढ़े सात दशक से हो रहा है. पूजनोत्सव का यह सफर ढाका व कोलकाता होते हुए 1950 में सोनो पहुंचा था. पूजनोत्सव के इस सफर को लेकर पूजा समिति के संयोजक महेंद्र दास बताते हैं कि आजादी से पूर्व क्षेत्र से रविदास समाज के लोगों के पूर्वज रोजी-रोटी के लिए ढाका गये थे. 1942 ई में इन लोगों के मन में दुर्गा पूजा की भावना जागृत हुई. और यहां के समाज के आधे दर्जन लोगों ने मिलकर दुर्गा पूजा की शुरुआत ढाका में की. 1947 में आजादी मिलने व देश के बंटवारे के बाद वहां रह रहे रविदास समाज के लोग ढाका से कोलकाता आ गये. दो-तीन वर्षों तक उन लोगों ने कोलकाता में ही दुर्गा पूजा की. कोलकाता के भव्य पूजनोत्सव से प्रेरित होकर इन लोगों के मन में अपनी भूमि पर दुर्गा पूजनोत्सव उसी तरह किये जाने की भावना जगी.

झोपड़ीनुमा मंदिर बनाकर प्रतिमा स्थापित कर शुरू की थी पूजा

संयोजक महेंद्र दास बताते हैं कि लोगों ने 1950 ई में सोनो चौक के समीप दुर्गा पूजा की शुरुआत की. उस वक्त चहल-पहल के अभाव के बावजूद सोनो में झोपड़ीनुमा मंदिर बनाकर प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाने लगी. इस पूजनोत्सव में प्रखंड वासियों का सहयोग मिला. सोनो चौक पर श्रद्धालु परिवार के सहयोग से मंदिर के लिए जमीन भी उपलब्ध हुई और 1954 में मंदिर भी बनाया गया. इस मंदिर में लंबे समय तक अनवरत प्रतिमा स्थापित कर पूजा होने लगी. वर्ष 2007 में मंदिर को भव्यता देने की शुरुआत हुई. जिन लोगों ने यहां पूजा की शुरुआत की थी, उनकी अगली पीढ़ी पूजा की जिम्मेदारी बेहतर तरीके से संभालती गयी. पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए आज भी मां दुर्गा की प्रतिमा की साज सज्जा कोलकाता के कलाकारों द्वारा ही की जाती है.

समय के साथ और बढ़ती गयी पूजनोत्सव की भव्यता

महेंद्र दास ने कहा कि सोनो चौक के दुर्गा माता मंदिर में समय के साथ पूजनोत्सव की भव्यता और बढ़ती गयी. पूजा समिति का गठन कर अब बड़े पैमाने पर पूजा की जाने लगी है. वर्तमान में पूजा समिति के संयोजक महेंद्र दास, अध्यक्ष दिनेश्वर दास, सचिव दशरथ दास, कोषाध्यक्ष विनय दास के अलावे राजेंद्र दास, कुंदन दास, दीपनारायण दास, रोहित दास समेत अन्य सदस्यगण पूजनोत्सव को भव्य बनाने में दिन रात लगे हुए हैं. मेला के दिन भी प्रशासन के साथ मिलकर पूजा समिति के सदस्य बड़ी जिम्मेदारी का निर्वाहन करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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