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जीविका से जुड़ने के बाद आर्थिक हालत में आया सुधार

Updated at : 23 May 2025 6:43 PM (IST)
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जीविका से जुड़ने के बाद आर्थिक हालत में आया सुधार

जिले भर में चल रहें महिला संवाद कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को आठ प्रखंडों में महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया.

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संवाद कार्यक्रम में-सशक्त हो रही महिलाओं ने सुनायी संघर्ष से सफलता की कहानी प्रतिनिधि, जमुई जिले भर में चल रहें महिला संवाद कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को आठ प्रखंडों में महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें ना सिर्फ ग्रामीण महिलाओं को मंच दिया, बल्कि उनकी आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियों से पूरे क्षेत्र को दिशा दी. जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के मटिया पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में जीविका व सतत जीविकोपार्जन योजना (एसजेवाई) से लाभान्वित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किये. रीना देवी ने बताया कि पति की असमय मृत्यु के बाद दो बच्चों की परवरिश मुश्किल थी. रसोइया की नौकरी से गुजारा मुश्किल था, लेकिन जीविका के माध्यम से एसजेवाई का लाभ मिलने के बाद उन्होंने नाश्ता व किराना दुकान शुरू किया. 64 हजार रुपये की सहायता से अब उन्होंने घर भी बना लिया है. वहीं मटिया की ही रजनी देवी की कहानी भी कम प्रेरणादायक नहीं रही. कभी शराब कारोबार से जुड़े परिवार की आजीविका शराबबंदी के बाद छिन गई थी. लेकिन एसजेवाई की मदद से अब वे बर्तन विक्रेता बनकर प्रतिदिन 1000 से 1200 रुपये कमा रही हैं और बच्चों को पढ़ा रही हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया. जिले के लक्ष्मीपुर, झाझा, सदर प्रखंड समेत कुल आठ प्रखंडों के 22 गांवों में हुए संवाद कार्यक्रम में 200 से 300 महिलाओं ने हिस्सा लिया. महिलाओं ने योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और अपने विचार व आकांक्षाएं भी साझा कीं. लक्ष्मीपुर के घोरपारन गांव की महिलाओं ने किशोरियों के लिए पंचायत स्तर पर दहेज, लैंगिक हिंसा और बाल विवाह के विरुद्ध प्रशिक्षण व जागरूकता अभियान चलाने की मांग की. झाझा प्रखंड के करहरा पंचायत के कौआटोल गांव की महिलाओं ने सामूहिक रूप से पुस्तकालय, सोलर लाइट, विवाह भवन, पंचायत भवन और जीविका भवन की मांग रखी. इस अवसर पर 11 जागरूकता वाहनों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण पर आधारित फिल्में दिखाई गईं. साथ ही सेल्फी पॉइंट, स्टैंडी, योजनाओं से जुड़ी लीफलेट्स और मुख्यमंत्री संदेश पत्र का वितरण किया गया. महिला संवाद कार्यक्रम सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं को जमीन पर उतारने का प्रभावी जरिया बन रहा है, जिससे महिलाएं जागरूक होकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANKAJ KUMAR SINGH

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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