रामायण ग्रंथ अनुकरणीय:वल्लभशरण

शुक्रवार को विष्णुपुर गांव में विधायक प्रतिनिधि श्याम सुंदर राय के प्रांगण में तीन दिवसीय सत्संग सह भंडारा का आयोजन किया गया
रामायण ग्रंथ अनुकरणीय: वल्लभ शरण चकाई. जानकी नवमी के अवसर पर शुक्रवार को विष्णुपुर गांव में विधायक प्रतिनिधि श्याम सुंदर राय के प्रांगण में तीन दिवसीय सत्संग सह भंडारा का आयोजन किया गया. मौके पर अयोध्या से आये संत वैदेही वल्लभ शरण जी महाराज ने रामचरितमानस व माता जानकी पर प्रकाश डालते हुए इसे अनुकरणीय बताया. उन्होंने रामायण की प्रासंगिकता पर व्याख्यान देते हुए कहा कि रामचरितमानस एक ऐसा ग्रंथ है जिसमें सभी समस्याओं का बखूबी समाधान है. इसमें संस्कार की पराकाष्ठा है. रामायण ग्रंथ सिर्फ पठनीय ही नहीं अनुकरणीय भी है. जो कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी धर्म का हो रामायण को आत्मसात कर लेगा उसके घर के आंगन में स्वर्ग-सा दृश्य होगा. इसमें भाई का भाई के प्रति, पति का पत्नी के प्रति, राजा का प्रजा के प्रति, प्रजा का राजा के प्रति क्या संबंध होना चाहिए, क्या भाव होना चाहिये इसका बखूबी वर्णन है. इसे आत्मसात करने की जरूरत है. आज विश्व में जितनी भी समस्याएं हैं यदि रामायण का अनुकरण करके उसके रास्ते पर चला जाए तो यह सारी समस्याएं स्वतः समाप्त हो जायेगी और ना कोई गरीब रहेगा, ना कोई अमीर रहेगा. जात-धर्म, उच्च-नीच का भेदभाव समाप्त हो जायेगा, सब समाज में एक बराबर रहेंगे. इस अवसर पर माता जानकी जी की जन्म जयंती समारोह का आयोजन बड़े ही उत्सवी माहौल में मनाया गया. जानकी जी के अवतरण पर भी महराज जी द्वारा प्रवचन के दौरान विस्तार से चर्चा किया गया. कार्यक्रम के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के बीच भंडारा का भी आयोजन किया गया. समारोह को सफल बनाने में आचार्य महेंद्र पांडेय, गोपाल पांडेय, बालमुकुंद राय, राजेंद्र राय, अशोक कुमार, गुड्डू कुमार राय, शालिग्राम राय, नारायण राय, महेंद्र राय, भुनेश्वर पंडित, सहदेव पंडित, महेंद्र शाह सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.
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