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एनपीएस व यूपीएस के खिलाफ कर्मचारियों ने मनाया ब्लैक डे, कहा- पुरानी पेंशन है अधिकार हमारा

Updated at : 22 Jul 2025 9:24 PM (IST)
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एनपीएस व यूपीएस के खिलाफ कर्मचारियों ने मनाया ब्लैक डे, कहा- पुरानी पेंशन है अधिकार हमारा

पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली की मांग को लेकर सोमवार को जमुई जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने ब्लैक डे मनाया.

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जमुई . पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली की मांग को लेकर सोमवार को जमुई जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने ब्लैक डे मनाया. एनएमओपीएस (नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम) राज्य कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर एनपीएस और यूपीएस का विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि जल्द पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं की गयी तो राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जायेगा. कार्यक्रम के दौरान कोई कार्य बहिष्कार नहीं हुआ, लेकिन सांकेतिक विरोध से सरकार को स्पष्ट संदेश दिया गया.

पुरानी पेंशन कोई योजना नहीं, बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा

जिला मुख्य संरक्षक डीसी रजक ने कहा कि पुरानी पेंशन हर कर्मचारी का हक है. उन्होंने कहा, एनपीएस ने हमारे भविष्य को अंधकार में डाल दिया है. जब तक ओपीएस लागू नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. प्रदेश अध्यक्ष शशि भूषण आर्य ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है, आगे चलकर यह जन आंदोलन में तब्दील होगा. जोनल प्रभारी निरंजन कुमार ने कहा, “एक कर्मचारी जीवनभर सेवा करता है और उसे रिटायरमेंट के बाद भी असुरक्षा की स्थिति में रहना पड़ता है. यह न केवल अन्याय है, बल्कि अपमान भी है. “

सभी विभागों के कर्मी हुए शामिल

ब्लैक डे कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, कोषागार, आपूर्ति, आईटीआई समेत अन्य विभागों के कर्मियों ने भाग लिया. प्रदर्शन में दीपक कुमार, नीतीश कुमार, अमरदीप कुमार, अभिषेक कुमार, मो मिनाइज, स्वीटी कुमारी, राकेश कुमार, विकास कुमार सहित दर्जनों कर्मी शामिल थे.

23 जुलाई को फिर मनाया जायेगा ब्लैक डे

कार्यक्रम के अंत में यह घोषणा की गई कि 23 जुलाई को भी राज्यभर में ब्लैक डे मनाया जाएगा. साथ ही राज्य कमेटी द्वारा तय चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति को भी पूरे दमखम के साथ लागू किया जाएगा. कर्मचारियों का यह विरोध महज आर्थिक अधिकार की मांग नहीं, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित वृद्धावस्था के लिए चल रहा एक बड़ा सामाजिक अभियान बनता जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANKAJ KUMAR SINGH

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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