'सिस्टम' लाचार, बेटा बेबस: सदर अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने पर बुजुर्ग पिता को गोद में उठाकर सीटी स्कैन कराने पहुंचा बेटा

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फोटो- पिता को गोद में उठाकर सीटी स्कैन सेंटर ले जाता बेटा | Prabhat Khabar Network

जमुई सदर अस्पताल से एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां स्ट्रेचर उपलब्ध न होने पर एक बेटे को अपने बीमार पिता को सीटी स्कैन के लिए गोद में उठाकर ले जाना पड़ा. इस घटना ने अस्पताल की अव्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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जमुई. सदर अस्पताल परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक अपने बुजुर्ग पिता को गोद में उठाकर सीटी स्कैन सेंटर की ओर जाता दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि मरीज को चिकित्सक ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी थी. परिजन के अनुसार, समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें अपने पिता को गोद में उठाकर जांच केंद्र तक ले जाना पड़ा.

बुखार और निमोनिया की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे थे

सोनो प्रखंड के चुरहैत गांव निवासी सदानंद सिंह अपने 75 वर्षीय पिता रंजय सिंह को बुखार और निमोनिया की शिकायत के बाद इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टर ने बुजुर्ग मरीज का सीटी स्कैन कराने की सलाह दी. इसके बाद परिजन मरीज को जांच केंद्र ले जाने की तैयारी करने लगे.

स्ट्रेचर नहीं मिलने का परिजन ने लगाया आरोप

सदानंद सिंह का आरोप है कि पिता को सीटी स्कैन के लिए ले जाने के दौरान उन्होंने स्ट्रेचर की तलाश की, लेकिन काफी देर तक स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका. उनका कहना है कि अस्पताल में मौजूद एक स्ट्रेचर पर पहले से शव रखा हुआ था. दूसरे स्ट्रेचर के लिए उन्होंने अस्पताल कर्मियों से संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन तत्काल व्यवस्था नहीं हो सकी.

मजबूरी में पिता को गोद में उठाया

स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने और जांच में हो रही देरी को देखते हुए सदानंद सिंह ने अपने 75 वर्षीय पिता को गोद में उठा लिया और अस्पताल परिसर स्थित सीटी स्कैन सेंटर पहुंचाया. इसी दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया. वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे. हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

दो ट्रॉली मैन से मांगा गया स्पष्टीकरण

मामला सामने आने के बाद सदर अस्पताल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया. सदर अस्पताल के डीएस डॉ थनीष कुमार ने बताया कि मरीज को समय पर स्ट्रेचर नहीं मिलने की जानकारी प्रशासन को मिली है. उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात दो ट्रॉली मैन से स्पष्टीकरण मांगा गया है. दोनों कर्मियों से पूछा गया है कि मरीज को समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा सका.

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

डीएस ने बताया कि दोनों कर्मियों का स्पष्टीकरण मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी. जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.

स्ट्रेचर जैसी मूलभूत सुविधा पर उठे सवाल

घटना ने अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. बुजुर्ग, गंभीर और चलने में असमर्थ मरीजों के लिए स्ट्रेचर महज सुविधा नहीं, बल्कि आवश्यक व्यवस्था है. ऐसे में अस्पताल प्रशासन की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मरीज को समय पर स्ट्रेचर क्यों नहीं मिल सका और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या कदम उठाये जाते हैं.


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