आइएमए के आह्वान पर जिले के चिकित्सक रहे हड़ताल पर, जताया विरोध

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 17 Aug 2024 9:45 PM

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सदर अस्पताल में ओपीडी तथा निजी क्लिनिक में ओपीडी और इमरजेंसी सेवा रही बंद

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जमुई. पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक महिला चिकित्सक की रेप के बाद हत्या को लेकर देशभर के डॉक्टरों में आक्रोश व्याप्त है. आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को देशभर के डॉक्टर हड़ताल पर रहे. आईएमए के आह्वान पर शनिवार को जिले के सभी चिकित्सक हड़ताल पर चले गये. इस दौरान सदर अस्पताल में महिला ओपीडी, पुरुष ओपीडी, दंत ओपीडी सहित अन्य ओपीडी तथा निजी क्लिनिक में ओपीडी सहित इमरजेंसी सेवा पूर्ण रूप से बंद रखी गयी. हालांकि सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा सुचारू रूप से चलती रही. हालांकि कुछ देर के लिए पुरुष ओपीडी में डॉ मृत्युंजय कुमार पंडित बैठे और कुछ मरीजों का उपचार भी किया. इसके उपरांत आइएमए के सदस्यों ने आकर ओपीडी को बंद करवा दिया. आइएमए के सदस्यों ने जिलाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार के नेतृत्व में सदर अस्पताल परिसर से पैदल मार्च निकाला गया. साथ ही बैनर पोस्टर के माध्यम से आइएमए के सदस्यों ने विरोध जताया. मौके पर आइएमए के जिलाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार ने कहा कि महिला चिकित्सक के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपितों को जबतक कठोर सजा नहीं दी जायेगी तब तक हमलोगों का हड़ताल जारी रहेगा. जिला सचिव डॉ खुशबू सिंह ने कहा कि कोलकाता में जिस तरह से एक महिला चिकित्सक के साथ दरिंदगी हुई है और सभी साक्ष्यों को मिटाने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है ये कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने बताया कि 9 अगस्त की घटना है और अब तक आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. सचिव ने कहा कि हमलोग केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की सरकार से अविलंब आरोपितों की गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग करते हैं अन्यथा हमलोगों की हड़ताल जारी रहेगा.आईएमए के पूर्व सचिव डॉ सूर्य नंदन सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ एक महिला चिकित्सक के साथ दरिंदगी नहीं हुई है बल्कि देश के उन तमाम बेटियों के साथ हुई है जो भविष्य में डॉक्टर बनने का सपना देख रही है. मौके पर डॉ अभिषेक कुमार, डॉ मनिष कुमार, डॉ स्निग्धा, डॉ विशाल आनंद, डॉ ओम भगत, डॉ सौरभ सुमन सहित अन्य आईएमए के सदस्य मौजूद थे.

मरीज रहे हलकान

सदर अस्पताल सहित जिले के सभी निजी क्लिनिक के चिकित्सक के हड़ताल पर चले जाने के कारण इलाज के लिए आये मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. नगर परिषद क्षेत्र के सतगामा मुहल्ला से इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंची सजमा खातून, छोटी खातून, सुलफियान खान, बरुअट्टा गांव निवासी रामजी साव, नूमर गांव निवासी महेंद्र पासवान, कटौना गांव निवासी रबिंद्र मोदी, सहित अन्य ने बताया कि हमलोग शनिवार को इलाज के लिए सदर अस्पताल आये. ओपीडी में इलाज के लिए पर्चा भी कटा लिया लेकिन ओपीडी में ताला लगा है. उन लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी द्वारा बताया गया कि सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले गये हैं. इस कारण बिना इलाज के घर लौट रहे हैं. जबकि शहर के निजी क्लिनिक से भी मरीज इलाज के बगैर घर लौटते दिखे.

इमरजेंसी में लगी मरीजों की भीड़

सदर अस्पताल के ओपीडी सहित जिले के सभी निजी क्लिनिक बंद रहने के कारण सदर अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में मरीजों की संख्या में बढ़ गयी. इमरजेंसी में दुर्घटना में घायल मरीजों के साथ सामान्य बीमारी से पीड़ित मरीज भी इलाज के लिए पहुंच रहे थे. सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक सौ से ज्यादा मरीजों का इलाज इमरजेंसी कक्ष में चिकित्सक द्वारा किया गया.

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