दिन भर तड़पते रहे मरीज

Published at :21 Aug 2016 1:32 AM (IST)
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दिन भर तड़पते रहे मरीज

परेशानी. चिकित्सकों की हड़ताल के कारण बंद रहा आउटडोर चिकित्सकाें की राज्यव्यापी हड़ताल से शनिवार को मरीज परेशान रहे. अस्पताल पहुंचने वाले लोग इलाज के लिए घंटो भटकते नजर आये. जमुई/लखीसराय : पूरे प्रदेश में चिकित्सकों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और भाषा द्वारा आहूत एक दिवसीय हड़ताल के […]

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परेशानी. चिकित्सकों की हड़ताल के कारण बंद रहा आउटडोर

चिकित्सकाें की राज्यव्यापी हड़ताल से शनिवार को मरीज परेशान रहे. अस्पताल पहुंचने वाले लोग इलाज के लिए घंटो भटकते नजर आये.
जमुई/लखीसराय : पूरे प्रदेश में चिकित्सकों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और भाषा द्वारा आहूत एक दिवसीय हड़ताल के समर्थन में शनिवार को सभी सरकारी संस्थानों में कार्यरत और निजी क्लिनिक संचालक चिकित्सकों ने अपने आप को कार्य से अलग रखा. जिसके कारण अस्पताल में आउटडोर सेवा समेत कई विभाग बंद रहे तथा अपने व परिजनों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. अस्पताल पहुंचने वाले लोग इलाज के लिए घंटो भटकते नजर आये.
लोग इलाज के लिए आपातकालिन सेवा के तहत कार्यरत चिकित्सकों का अपने या परिजनों के इलाज हेतु चक्कर लगाते नजर आये.खैरा प्रखंड क्षेत्र के अमारी निवासी प्रदीप मिस्त्री कहते हैं कि मैं बुखार से पीड़ित हूं और विगत दो घंटे से अपने इलाज के लिए इधर उधर भटक रहा हूं लेकिन कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं है.सौन्पे निवासी मुकेश मांझी व खैरा प्रखंड क्षेत्र के चपरी निवासी मो.आलम ने बताया कि हमलोग भी बुखार से ही पीड़ित हैं.लेकिन इलाज के लिए कोई चिकित्सक नहीं रहने के कारण काफी परेशानी हो रही है.चौरा निवासी सुमा देवी ने बताया कि हमारे पेट में बहुत दर्द है और इलाज के लिए इधर उधर भटक ही रहे हैं.अस्पताल में दो घंटा से बैठ कर अपने इलाज की प्रतीक्षा कर रहे हैं.सिझौड़ी निवासी सरस्वती देवी ने बताया कि मेरा बेटा रघुवीर डायरिया से पीड़ित है.लेकिन अस्पताल में डाक्टर नहीं रहने के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा है.निजी क्लिनिक भी बंद है ऐसे में हमलोग अपने परिजनो या अपना इलाज कहां करायें यह समझ में ही नहीं आ रहा है.
बंद रहे मेडिकल हॉल
एक दिवसीय हड़ताल के दौरान जिले भर की सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ नदारद दिखी. सदर अस्पताल रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी हड़ताल से संबंधित एक बोर्ड लगा कर खिड़की बंद पाये गये. दूसरी ओर मेडिकल सेंटर में ताले लटके पाये गये. वहीं मरीजों की ओपीडी चिकित्सक चेंबर में एक अन्य व्यक्ति टेबुल पर सोये दिखायी पड़े. इसी बीच सूर्यगढ़ा पीएचसी से रेफर किये गये सूर्यगढ़ा निवासी उपेंद्र शर्मा को शनिवार की अहले सुबह निधन हो गया. जिसे पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर भेज दिया गया. इस बीच जमुई जिला स्थित सिकंदरा निवासी सत्येंद्र सिंह की 30 वर्षीय पत्नी मुन्नी देवी को भी आपात सेवा में भरती करवाया गया.
डायरिया व गंभीर रूप से जख्मी मरीज रहे परेशान
हड़ताल ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी.
शनिवार को सिविल सर्जन डॉ राजकिशोर प्रसाद ने स्वीकार किया कि चिकित्सकों की हड़ताल से जिले की सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बाधित पड़ी है. बावजूद सदर अस्पताल समेत सभी स्थानों पर रोगियों की आपातकालीन सेवा जारी है.
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