पशु बांझपन निवारण के लिए लगा शिविर, 268 पशुओं की हुई जांच

चकाई प्रखंड में आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन मुहिम को धरातल पर उतारने के प्रयास तेज हो गए हैं.
चंद्रमंडीह . चकाई प्रखंड में आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन मुहिम को धरातल पर उतारने के प्रयास तेज हो गए हैं. इसी के तहत शुक्रवार को डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा चकई प्रखंड के बरमोरिया पंचायत अंतर्गत गोशवारा गांव में एक दिवसीय पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का विधिवत उद्घाटन भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार सचिन द्वारा किया गया. इस दौरान विशेषज्ञों ने पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार और स्वास्थ्य प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी. शिविर का मुख्य उद्देश्य उन गायों और बाछियों का उपचार करना था जो बार-बार गर्भधारण की समस्या से जूझ रही है. चिकित्सकों की टीम ने कुल 268 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया. जांच के उपरांत पशुपालकों के बीच विभिन्न रोगों से संबंधित निशुल्क दवाओं का वितरण किया गया. इसमें मुख्य रूप से पशुओं का समय पर गर्म न होना, बार-बार गर्भ गिरना या ठहरने की समस्या शामिल है. इस क्रम में कृमि नाशक, चमोकन नाशक और डायरिया के संबंध में जानकारी लोगों को दी गई. इसके अतिरिक्त भूख बढ़ाने वाले टॉनिक और विटामिन सप्लीमेंट्स की भी जानकारी दी गई. डॉ. कुमार सचिन ने कहा कि पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए पशुओं का स्वस्थ होना और समय पर प्रजनन अनिवार्य है. मौके पर भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी धमनिया डॉ. शाहीन परवीन, पशुपालन दूत देवनारायण प्रसाद केसरी, राजेश पासवान, मिथिलेश कुमार, विकास कुमार, कृष्ण कुमार, रवि कुमार सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.
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