उमंग एप पर मिलेगी सभी योजनाओं की जानकारी, डीबीटी की योजनाओं को आधार से जोड़ना अब होगा अनिवार्य

केंद्र और राज्य सरकार के स्तर से संचालित होने वाली सभी योजनाओं का संचालन और अपडेट जानकारी कोई भी व्यक्ति अब अपने मोबाइल से ही ले सकते हैं. जन केंद्रित जितनी भी योजनाओं में डीबीटी की व्यवस्था वर्तमान में बहाल है, उन योजनाओं को इस उमंग एप पर जल्द ही जोड़ दिया जायेगा.
कौशिक रंजन, पटना. केंद्र और राज्य सरकार के स्तर से संचालित होने वाली सभी योजनाओं का संचालन और अपडेट जानकारी कोई भी व्यक्ति अब अपने मोबाइल से ही ले सकते हैं. जन केंद्रित जितनी भी योजनाओं में डीबीटी की व्यवस्था वर्तमान में बहाल है, उन योजनाओं को इस उमंग एप पर जल्द ही जोड़ दिया जायेगा. सिटीजन केंद्रित योजनाएं उमंग एप पर मिलेंगी.
केंद्र सरकार ने देश के स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर वर्ष 2022 में 15 अगस्त को इसे जनता को पूरी तरह से समर्पित करने की योजना बनायी गयी है. इसके मद्देनजर बिहार समेत सभी राज्यों को मार्च 2022 तक राज्य में चलने वाली सभी योजनाओं को उमंग एप पर जोड़ने के लिए समुचित प्रयास करने के लिए कहा गया है.
केंद्र सरकार लगातार इसकी मॉनीटरिंग कर रहा है. जन सरोकार से जुड़ी सभी योजनाओं खासकर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) वाली योजनाओं को उमंग एप पर प्रमुखता से जोड़ना है. ताकि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में समुचित पारदर्शिता आ सके.
बिहार में वर्तमान में 38 योजनाएं ऐसी हैं, जो डीबीटी के माध्यम से जुड़ी हुई हैं. इसमें पेंशन, छात्रवृत्ति, साइकिल, पोशाक, फसल मुआवजा समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं. कबीर अंत्येष्टि योजना समेत कुछ एक योजनाओं में अभी भी चेक से ही पैसा देने की व्यवस्था है. इनमें भी डीबीटी से जोड़ा जायेगा, जिससे लाभुक का खाता या मोबाइल नबंर से उसके खाते में पैसे चले जायेंगे.
इनके अलावा करीब एक दर्जन केंद्र की योजनाएं भी हैं, जो डीबीटी से जुड़ी हैं और सूबे के अलग-अलग स्तर के लोगों को इसका लाभ मिलता है. जल्द ही ये सभी योजनाएं उमंग एप पर आ जायेंगी, इससे लोगों को बस एप के एक क्लिक से संबंधित योजना के बारे में विस्तार से जानकारी मिल जायेगी.
साथ ही जिस योजना से जो व्यक्ति जुड़े हुए हैं या लाभ ले रहे हैं, उन्हें भी पैसा ट्रांसफर होने से संबंधित सभी जानकारी समय पर मिल जायेगी. इससे योजनाओं से जुड़े संबंधित लाभार्थियों को मिलने वाले सभी लाभ के बारे में जानकारी मोबाइल पर ही मिलेगी.
इसके लिए डीबीसी से जुड़ी अगर कोई योजना आधार कार्ड से नहीं जुड़ी हुई हैं, तो उन्हें इसे जोड़ने के लिए कहा गया है. साथ ही उस मोबाइल नंबर को भी चालू रखने के लिए कहा गया है, जिससे आधार और योजनाएं जुड़ी हुई हैं, ताकि इन पर ओटीपी या अन्य कोई भी जानकारी मिलती रहे. इस उमंग एप की खासियत होगी कि यह डिजी लॉकर से भी जुड़ा होगा, जिससे कोई जानकारी चोरी नहीं हो सकती है.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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