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अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर में अब इमरजेंसी कोटा, अचानक यात्रा में मिलेगी राहत

Updated at : 11 Feb 2026 2:21 PM (IST)
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Emergency Quota now available in Amrit Bharat and Vande Bharat Sleeper

Emergency Quota now available in Amrit Bharat and Vande Bharat Sleeper

Indian Railways : ट्रेन फुल होने के बाद भी अब मिल सकती है सीट, रेलवे बोर्ड के नए फैसले से लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है.

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Indian Railways : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब अमृत भारत ट्रेनों और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में भी इमरजेंसी कोटा (Emergency Quota) लागू किया जाएगा.

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, खास आपात परिस्थितियों में यात्रियों के लिए कुछ सीटें सुरक्षित रखी जाएंगी, जिससे अचानक यात्रा की जरूरत पड़ने पर राहत मिल सके.

अमृत भारत ट्रेनों में 24 बर्थ रिजर्व

रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार, जिन अमृत भारत ट्रेनों में सात या उससे अधिक स्लीपर क्लास कोच होंगे, उनमें 24 बर्थ इमरजेंसी कोटा के तहत अलग रखी जाएंगी. इसका उद्देश्य ऐसी स्थिति में यात्रियों को सहूलियत देना है, जब ट्रेन पूरी तरह बुक हो चुकी हो लेकिन यात्रा अत्यावश्यक हो.

वंदे भारत स्लीपर में क्लास के हिसाब से तय सीटें

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा अलग-अलग श्रेणियों में लागू होगा. प्रथम एसी (1A), द्वितीय एसी (2A) और तृतीय एसी (3A) में सप्ताह के दिन और वीकेंड के आधार पर सीटों की संख्या निर्धारित की गई है.

सप्ताह के दिनों और सप्ताहांत में यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए सीटों का विभाजन किया गया है, ताकि जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिल सके.

रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि अब अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में भी emergency quota रखा जाएगा

एडवांस बुकिंग के साथ ही लागू होगी व्यवस्था

रेलवे बोर्ड के आदेश के मुताबिक, यह इमरजेंसी कोटा एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) से ही प्रभावी रहेगा. यानी जैसे ही टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होगी, यह कोटा सिस्टम में शामिल रहेगा. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और जरूरत पड़ने पर सीट आवंटन आसान होगा.

यात्रियों को क्या होगा फायदा

अब तक अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा का प्रावधान नहीं था. ऐसे में अचानक यात्रा की स्थिति में यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता था. नए फैसले से विशेष परिस्थितियों जैसे चिकित्सकीय आपातकाल, पारिवारिक कारण या सरकारी आवश्यकता में राहत मिल सकेगी.

रेलवे के इस कदम को यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा के रूप में देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में यह व्यवस्था लंबी दूरी की यात्रा को और सुगम बना सकती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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