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Indian Railway: गया और पटना सहित बिहार के कई स्टेशनों का होगा कायाकल्प, 5 साल में दोगुनी होगी रेल परिचालन क्षमता

Updated at : 29 Dec 2025 10:47 AM (IST)
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AI जनरेटेड इमेज प्रतीकात्मक तस्वीर

Indian Railway: भीड़ से जूझते प्लेटफॉर्म, ट्रेनों का इंतजार और यात्रियों की बढ़ती संख्या.अब यह सब इतिहास बनने की तैयारी में है. पूर्व मध्य रेलवे के बड़े स्टेशनों को लेकर एक महत्वाकांक्षी योजना सामने आई है, जो अगले पांच वर्षों में रेल संचालन की तस्वीर बदल देगी.

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Indian Railway: यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और रेल यातायात के दबाव को देखते हुए गया जंक्शन सहित पूर्व मध्य रेलवे के कई बड़े स्टेशनों की संचालन क्षमता अगले पांच वर्षों में दोगुनी की जाएगी.

वर्ष 2030 तक इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नई रेल लाइनों और कोचिंग टर्मिनलों के विस्तार पर जोर दे रहा है. इस योजना से न सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भीड़ से राहत और बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है.

अब बदलेगी रेल यात्रा की तस्वीर

भीड़ से जूझते प्लेटफॉर्म, ट्रेनों का लंबा इंतजार और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या, अब यह सब बीते दिनों की बात बनने जा रही है. पूर्व मध्य रेलवे के बड़े स्टेशनों को लेकर एक महत्वाकांक्षी योजना सामने आई है, जो अगले पांच वर्षों में रेल संचालन की पूरी तस्वीर बदलने वाली है. रेलवे ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले समय में बिहार का रेल नेटवर्क कहीं अधिक सक्षम और आधुनिक होगा.

2030 तक दोगुनी होगी स्टेशनों की संचालन क्षमता

यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग और रेल यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए गया जंक्शन सहित पूर्व मध्य रेलवे के कई प्रमुख स्टेशनों की संचालन क्षमता अगले पांच वर्षों में दोगुनी की जाएगी.

वर्ष 2030 तक इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नई रेल लाइनों और कोचिंग टर्मिनलों के विस्तार पर विशेष जोर दे रहा है. इसका सीधा लाभ यह होगा कि ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को भीड़ से राहत मिलेगी.

इन बड़े स्टेशनों पर होगा सबसे ज्यादा असर

पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले गया, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जैसे अहम स्टेशनों को भविष्य की ज़रूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है.

इन शहरों से होकर गुजरने वाली रेल लाइनों पर यात्री और माल ढुलाई दोनों में तेजी से इजाफा हुआ है. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने तय किया है कि इन स्टेशनों की रेल गाड़ियों के संचालन की क्षमता को मौजूदा स्तर से दोगुना किया जाएगा.

रेल मंत्री के विजन का हिस्सा है यह योजना

पूर्व मध्य रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, यह पूरी योजना रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के उस विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यात्रियों की बढ़ती संख्या को बेहतर तरीके से संभालना और स्टेशनों पर होने वाली भीड़ को कम करना है.

रेल मंत्री का कहना है कि विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है और अनुभागीय व परिचालन क्षमताओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे रेलवे नेटवर्क और अधिक आधुनिक बन सके.

डीडीयू-झाझा सेक्शन बनेगा योजना की रीढ़

इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे बड़ा और अहम हिस्सा पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण है. लगभग 400 किलोमीटर लंबे इस रेल खंड पर नई लाइनों के निर्माण के लिए करीब 17 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है.

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना की प्रक्रिया अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएगी, जिससे इस व्यस्त रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही कहीं अधिक सुचारु हो सकेगी.

गया और पटना को मिलेगी सबसे बड़ी राहत

धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण गया जंक्शन पर इस योजना का सीधा असर देखने को मिलेगा. बोधगया और पितृपक्ष मेले के दौरान यहां यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. संचालन क्षमता दोगुनी होने से विशेष ट्रेनों के संचालन, समयबद्ध परिचालन और प्लेटफॉर्म प्रबंधन में बड़ा सुधार होगा. वहीं पटना, डीडीयू और अन्य बड़े जंक्शनों पर भी ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने और कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह निवेश केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है. बेहतर रेल नेटवर्क से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे. बिहार और आसपास के राज्यों का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क और अधिक मजबूत होगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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