13 करोड़ की आबादी वाले इस राज्य में 95 फीसदी आबादी के पास कार या बाइक नहीं! जानें क्या है वजह?

Published by : Abhishek Anand Updated At : 12 Nov 2023 4:33 PM

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भारत में वाहन स्वामित्व की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी खराब है. पिछले साल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सर्वे में पाया था कि भारत में 12 घरों से से सिर्फ एक घर में ही कार है.

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भारत में वाहन स्वामित्व की स्थिति एक जटिल और बहुआयामी समस्या है. यह सामाजिक, आर्थिक, भौगोलिक और राजनीतिक कारकों से प्रभावित होती है. बिहार एक ऐसा राज्य है जहां वाहन स्वामित्व की स्थिति बेहद खराब है. यहां 95 फीसदी आबादी के पास ना तो कार है नाही बाइक है.

12.48 करोड़ लोगों के पास किसी भी तरह का वाहन नहीं

अभी हाल में ही बिहार में जातीय सर्वेक्षण ने खूब सुर्खियां बटोरीं वहीं इस सर्वे से कुछ जानकारी भी बाहर निकल कर सामने आयी. बिहार की 13.07 करोड़ की आबादी में से केवल 0.11% लोगों के पास कार है. यानी राज्य में केवल 5.72 लाख लोग ही कार चलाते हैं. वहीं केवल 49.68 लाख लोगों के पास ही बाइक या स्कूटर जैसे दोपहिया वाहन हैं. बिहार की 13.07 करोड़ की आबादी में 12.48 करोड़ लोगों के पास किसी भी तरह का वाहन नहीं है.  रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सामान्य जाति के 2.01 करोड़ लोगों में से केवल 11.99 लाख लोगों के पास ही वाहन हैं.

भारत में 12 घरों से से सिर्फ एक घर में ही कार

भारत में वाहन स्वामित्व की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी खराब है. पिछले साल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सर्वे में पाया था कि भारत में 12 घरों से से सिर्फ एक घर में ही कार है. गोवा प्रति घर के हिसाब से कार रखने के मामले में देश में सबसे आगे है. वहीं देखा जाए तो दोपहिया वाहनों को रखने में भारतीय लोगों की रैंकिंग बेहतर हैं. भारत में औसतन 50 प्रतिशत परिवारों में बाइक, स्कूटर या साइकिल जैसे दोपहिया वाहन हैं.

बिहार में वाहन स्वामित्व की कमी के कई कारण

बिहार में वाहन स्वामित्व की कमी के कई कारण हैं. इनमें से एक कारण यह है कि बिहार एक गरीब राज्य है. बिहार की प्रति व्यक्ति आय भारत के औसत से कम है. ऐसे में, लोगों के लिए कार या बाइक खरीदना मुश्किल है.

दूसरा कारण यह है कि बिहार में सार्वजनिक परिवहन का अच्छा नेटवर्क है. बिहार में बस, ट्रक, ऑटोरिक्शा और अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधन आसानी से उपलब्ध हैं. ऐसे में, लोगों को कार या बाइक की आवश्यकता नहीं पड़ती है.

तीसरा कारण यह है कि बिहार में सड़कों की स्थिति खराब है. बिहार में कई सड़कें टूटी हुई हैं और खराब हैं. ऐसे में, कार या बाइक चलाना मुश्किल और खतरनाक हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

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