लॉकडाउन के कारण हास्टल में फंसी हिमा ने आउटडोर अभ्यास के लिए रीजीजू से दखल देने की मांग की

Updated:
विज्ञापन
लॉकडाउन के कारण हास्टल में फंसी हिमा ने आउटडोर अभ्यास के लिए रीजीजू से दखल देने की मांग की

धाविका हिमा दास सहित दूसरे कई एथलीटों ने खेल मंत्री से मांग की है कि उन्हें परिसर के अंदर आउटडोर प्रशिक्षण की अनुमति दी जाये

विज्ञापन

नयी दिल्ली. कोविड-19 महामारी के कारण देश भर में लगे लॉकडाउन में पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) के शिविर में शामिल धाविका हिमा दास सहित दूसरे कई एथलीटों ने खेल मंत्री से मांग की है कि उन्हें परिसर के अंदर आउटडोर प्रशिक्षण की अनुमति दी जाये. एनआईएस पटियाला में बाहरी लोगों के आने की अनुमति नहीं है. इस कदम का समर्थन कर रहे सहायक राष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच राधाकृष्णन नायर ने बताया कि एनआईएस में हिमा के नेतृत्व में शिविर में शामिल खिलाड़ियों को एक-दो दिनों में मंत्रालय से जवाब मिलने की उम्मीद है.

नायर ने पटियाला से कहा कि हिमा और कुछ अन्य एथलीटों ने खेल मंत्री को लिखा है कि उन्हें दिन में एक या दो घंटे अलग-अलग समय में छोटे समूहों में अभ्यास करने की अनुमति दी जाए ताकि वे सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अभ्यास कर सकें. उन्होंने रीजीजू को लिखा है कि अगर प्रशिक्षण की अनुमति नहीं है तो उन्हें घर भेज दिया जायेगा. (लेकिन) घर जाना संभव नहीं है क्योंकि देश में लॉकडाउन है और प्रधानमंत्री ने कहा है कि हर किसी को वहीं रहना चाहिए जहां वे है. उन्होंने कहा: इसलिए, मंत्रालय उन्हें घर वापस जाने की अनुमति नहीं देगा लेकिन आउटडोर प्रशिक्षण के विकल्प पर विचार संभव है.

हमें एक-दो दिन में इसके बारे में पता चल जाएगा. नायर ने कहा कि उन्होंने और दूसरे कोचों ने इस विचार का समर्थन किया है क्योंकि इससे शिविर में शामिल किसी भी खिलाड़ी के कोरोना वायरस की चपेट में आने का खतरा नहीं है. एक शीर्ष कोच ने कहा: एनआईएस में हमारे साथ 41 एथलीट हैं और खिलाड़ियों का हॉस्टल से ट्रैक एवं फील्ड क्षेत्र से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर है. हम छोटे समूहों (आठ एथलीट) में एक या दो घंटे का अभ्यास कर सकते है.

विज्ञापन
राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन