हाजीपुर. पिछले एक महीने से भीषण ठंड का सामना कर रहे लोगों ने सोमवार को धूप निकलने से राहत महसूस की. सुबह आठ बजे ही कोहरा छंट गया और धूप निकल गयी. दिन भर अच्छी धूप खिली रही, जिससे कड़ाके की ठंड से लोगों को थोड़ी राहत मिली. धूप निकलते ही लोग अपने रुके कार्यों को निबटाने में लग गये. घर की छत पर और मुहल्लों के खाली मैदानों में दिन भर लोग धूप सेंकते नजर आये. बच्चे व बुजुर्ग भी धूप का आनंद लेते दिखे. बाजारों में भी अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक चहल-पहल रही. सभी सरकारी व निजी कार्यालयों में भी भीड़ रही.
शहर के राजेंद्र चौक, गुदरी बाजार, स्टेशन रोड, सिनेमा रोड, जढुआ बाजार समेत अन्य बाजारों में सभी दुकानें सुबह 10 बजे तक खुल गयी थी. मकर संक्रांति का पर्व नजदीक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में खरीदार आये. सुबह आठ बजे तक कोहरा छंट जाने से वाहनों का परिचालन भी सुचारू ढंग से हुआ. हालांकि शाम पांच बजे के बाद फिर से गलन बढ़ने लगी और आसमान में कोहरा छाने लगा. इसके चलते बाजार आये लोग जल्दी-जल्दी खरीदारी पूरी कर घर लौटते दिखे. सोमवार को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री और अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.वाहन पड़ावों पर भी दिखी चहल-पहल
धूप निकलने से वाहनों का परिचालन भी सामान्य दिखा. सुबह आठ बजे से ही शहर के विभिन्न यात्री पड़ावों पर लोगों की चहल-पहल बढ़ गयी थी. बस पड़ाव तथा टेंपो स्टैंडों से खुलने वाले वाहनों में अन्य दिनों की तुलना में यात्री अधिक थे. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने वाली गाड़ियों में लोगों की संख्या ज्यादा दिखी. वहीं, सुदूर इलाकों से शहर आने वाले वाहनों में भी भीड़ दिख रही थी. मौसम साफ होने और धूप निकलने के कारण लोग अपने लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न कार्यालयों में दूर-दूर से पहुंचे थे. शहर के रेलवे जंक्शन पर भी अब धीरे-धीरे यात्रियों की संख्या बढ़ने लगी है.ठंड से अभी सतर्क रहने की जरूरत
सोमवार को दिन भर अच्छी धूप थी और देर तक रही. ऐसे में कई लोग उलेन कपड़े व टोपी-मफलर के बिना ही घर से बाहर निकल गये. वहीं, कई लोग देर तक धूप में बैठे रहे. चिकित्सकों का कहना है कि इस समय काफी सावधानी बरतने की जरूरत है. दिन में धूप निकलने के कारण लोग ठंड से बचाव के प्रति सतर्क नहीं रहते. इसी समय ठंड का असर अधिक होता है और लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं. खासकर बुजुर्गों को ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है. तापमान में अंतर बढ़ते ही बुजुर्गों को भी अपने शरीर को अनुकूल बनाने में परेशानी आती है. ऐसी स्थिति में ब्रेन स्ट्रोक व लकवा का डर बना रहता है. धूप के साथ सर्द हवा भी चल रही है. ऐसे में छोटे बच्चों को पूरे शरीर के साथ कान ढंक कर रहना चाहिए. ऐसा नहीं करने से पेट दर्द, बुखार व कोल्ड डायरिया की शिकायत आ सकती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

