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hajipur news. स्वतंत्रता के सौवें साल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, इसमें युवाओं की भूमिका अहम

Updated at : 19 Dec 2024 10:05 PM (IST)
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hajipur news. स्वतंत्रता के सौवें साल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है, इसमें युवाओं की भूमिका अहम

देवचंद कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आगाज, स्वतंत्रता की शताब्दी: विकास का यथार्थ, चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर विद्वानों ने रखी राय

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हाजीपुर. शहर के देवचंद महाविद्यालय में गुरुवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आगाज हुआ. स्वतंत्रता की शताब्दी: विकास का यथार्थ, चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर आयोजित संगोष्ठी में अनेक विद्वानों और विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे. उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता चर्चित गणितज्ञ एवं अहमदू बेलू यूनिवर्सिटी, नाइजीरिया के व्याख्याता प्रो दशरथ सिंह ने की. संचालन प्रो अवंतिका एवं डॉ अवनीश कुमार मिश्र ने किया. कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया.

प्राचार्य डॉ तारकेश्वर पंडित ने अतिथियों को बुके, अंग-वस्त्र, प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया. विषय प्रवेश कराते हुए कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ आलोक कुमार सिंह ने कहा कि आजादी के बाद विभाजन का दंश झेलते हुए यह देश पंचवर्षीय योजनाओं के जरिये विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हुआ है. स्वतंत्रता के सौवें साल में हमें भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है. इसमें युवाओं की भूमिका अहम होगी.

भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को किया रेखांकित

मुख्य अतिथि नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो केसी सिन्हा ने विकसित भारत के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया. पटना कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ नवल किशोर चौधरी ने विकास के मौजूदा मॉडल की आलोचना करते हुए देश में व्याप्त आर्थिक असमानता पर असंतोष जताया. कहा कि विकास का मतलब न्याय यानी सबको समान अवसर मिले और आर्थिक सुदृढ़ीकरण का रास्ता समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, तभी विकास सार्थक होगा. राज्य सरकार के शिक्षा सलाहकार प्रो एनके अग्रवाल ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद हमारे पास उर्जा से भरी युवाओं की विशाल सेना है. इस युवा उर्जा का उपयोग सूझबूझ से करने की जरूरत है. जलवायु परिवर्तन, शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक, सभी मुद्दों पर ईमानदारी से काम करना होगा. तभी समग्रता में राष्ट्र विकसित हो सकेगा. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो रेणु कुमारी ने विकास के साथ सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण-संवर्धन पर जोर दिया. प्रो जयशंकर प्रसाद और प्रो रामनरेश पंडित ने कहा कि देश के युवा खुशहाल हों और विकास के साधन हर बच्चे के लिए उपलब्ध हो, तभी हम विकसित कहलाने के हकदार होंगे.

तकनीकी सत्र में स्वतंत्र भारत के 75 वर्ष

विकास का यथार्थ विषय पर चर्चा हुई. सत्र की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ तारकेश्वर पंडित ने की. विषय पर बोलते हुए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ नवल किशोर चौधरी ने कहा कि बदलते समय के साथ विकास के पैमाने भी बदलने होंगे. समाज का जो यथार्थ है, उसे समझते हुए विकास का दर्शन और मार्ग अपनाना चाहिए. सत्र का संचालन डॉ शोभा रानी ने किया. डॉ नवल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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