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प्रकृति से जुड़कर ही मिलेगी सुख, समृद्धि व शांति : मंत्री

Updated at : 01 Jul 2024 11:04 PM (IST)
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प्रकृति से जुड़कर ही मिलेगी सुख, समृद्धि व शांति : मंत्री

हाजीपुर सर्किट हाउस में सोमवार को मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग डॉ प्रेम कुमार ने पौधारोपण कर 75वें वन महोत्सव का शुभारंभ किया.

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हाजीपुर.

हाजीपुर सर्किट हाउस में सोमवार को मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग डॉ प्रेम कुमार ने पौधारोपण कर 75वें वन महोत्सव का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़कर ही मानव सुख शांति समृद्धि को प्राप्त कर सकता है. प्रकृति से छेड़छाड़ हमें विनाश की ओर ले जाता है. आधुनिकता और भोगवादी विकास के कारण आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के परिणाम को भुगत रही है. हमने जैसे ही सर्वे भवंतु सुखिन, सर्वे संतु निरामया को भूलाया, वैसे ही हमने अपने सुख चैन को खोया. वसुधैव कुटुंबकम हमारे संस्कार और हमारी संस्कृति रही है. हम प्राचीन काल से ही अपनी इस संस्कृति का निर्वहन करते आ रहे हैं. धरती पर रहने वाले सभी जीव हमारे कुटुंब है. ऐसी हमारी धारणा सदा रही है.

मंत्री ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़, जंगलों का विनाश, पेड़ों की कटाई, वनों का नाश ने हमें निर्दय बना दिया. पेड़ की महत्ता हमारे पुरखे समझते थे, इसीलिए पेड़ की पूजा किया करते थे. पेड़ों को देवता का दर्जा आज भी हमारे धर्म ग्रंथों में है. कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक दिन तीन सिलेंडर ऑक्सीजन लेता है. एक पेड़ साल में 20 किलोग्राम धूल सोखता है. गर्मी में पेड़ के नीचे कम से कम चार डिग्री सेंटीग्रेड तापमान कम रहता है. एक पेड़ एक वर्ष में 20 टन कार्बन डाइऑक्साइड को सो है. एक पेड़ एक वर्ष में 700 किलोग्राम ऑक्सीजन देता है. घर के पास अगर 10 पेड़ हो तो पेड़ के पास रहने वालों की आयु सात वर्ष बढ़ जाती है. उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण व पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया. इस मौके पर पातेपुर विधायक लखेंद्र पासवान, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जदयू जिलाध्यक्ष सुभाषचंद्र सिंह आदि मौजूद थे.

जिले के किसानों को खरीफ फसल के लिए यूरिया की नहीं होगी किल्लत : हाजीपुर.

जिले के किसान खरीफ फसल में धान की खेती करने के लिए बिचड़ा गिराने के साथ हीं अन्य प्रकार की तैयारियों में जुट गये है. खरीफ फसल को लेकर किसानों को रसायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार और विभाग काफी संवेदनशील है. किसानों की मांग के अनुरूप रसायनिक खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से रैक प्वाइंट पर यूरिया भेजनी शुरू कर दी गयी है. ताकि किसानों को यूरिया के लिए किसी भी तरह की कोई परेशानी नही हो. सभी थोक विक्रेताओं को रैक प्वाइंट से यूरिया का उठाव कर खुदरा विक्रेताओं को उपलब्ध कराने तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों से भौतिक सत्यापन कराने के बाद ही पॉश मशीन के माध्यम से बिक्री करने का निर्देश दिया गया है. बताया गया कि बीते शुक्रवार को सराय रेलवे स्टेशन स्थित रैक प्वाइंट से जिले के सभी प्रखंडों के लिए 1899.23 मिट्रिक टन यूरिया का आवंटन किया गया है. किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार अपने नजदीकी खुदरा विक्रेता से सरकार की ओर से निर्धारित दर पर यूरिया की खरीददारी कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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