महुआ में शिक्षा के निजीकरण पर कार्यशाला, देश में 'समान शिक्षा व्यवस्था' लागू करने की उठी मांग

Published by : Vivek Pandey Updated At : 14 Jun 2026 2:04 PM

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Hajipur News: महुआ में ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी द्वारा शिक्षा के निजीकरण पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें एनईपी 2020, समान शिक्षा व्यवस्था और “वन नेशन, वन एजुकेशन” जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

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Hajipur News: (दिलीप कुमार) महुआ बाजार के पातेपुर रोड स्थित एक विवाह भवन में ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी के तत्वावधान में शिक्षा के निजीकरण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) और समान शिक्षा के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.

प्रो. वेदप्रकाश पटेल की अध्यक्षता में हुआ आयोजन

रविवार को आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता प्रो. वेदप्रकाश पटेल ने की, जबकि संचालन अवदेश कुमार ने किया. कार्यक्रम में शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे और मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की.

शिक्षा के निजीकरण और एनईपी 2020 पर रखे गए विचार

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के निजीकरण, केंद्रीकरण और सांप्रदायिककरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता है. उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच गरीब एवं असहाय परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है.

वन नेशन, वन एजुकेशन लागू करने की मांग

कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने पूरे देश में वन नेशन, वन एजुकेशन व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई. उनका कहना था कि सभी वर्गों, जातियों और समुदायों के बच्चों को समान अवसर और एक जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए.

शिक्षा को व्यवसाय नहीं, अधिकार बनाने पर जोर

वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय के बजाय समाज के प्रत्येक व्यक्ति का मूल अधिकार माना जाना चाहिए. उन्होंने ऐसी नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया, जो सभी बच्चों को समान और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करें.

कई शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में डॉ. शांतनु राय, रविंद्र प्रसाद, दिनेश राय, रामपुकार राय, डॉ. प्रो. अरुण गुप्ता, रघुनाथ पासवान, भूषण राय, रामप्रीत राय सहित कई शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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