वैशाली के अंकुर ने कुकू टीवी के रियलिटी शो 'सबसे बड़े ड्रामेबाज़' के टॉप-12 में बनाई जगह, बोले- सपनों को मौका देना जरूरी
अंकुर की फाइल फोटो
वैशाली के रहने वाले अंकुर ने 'सबसे बड़े ड्रामेबाज़' शो के टॉप-12 में जगह बनाकर बिहार का नाम रोशन किया है. वह बिहार से चुने गए इकलौते प्रतिभागी हैं. अंकुर का मानना है कि छोटे शहरों के युवाओं को अपने सपनों पर भरोसा रखना चाहिए.
Ankur on Sabse Bde Dramabaaz: वैशाली के रहने वाले अभिनेता अंकुर ने कुकू टीवी के रियलिटी शो 'सबसे बड़े ड्रामेबाज़' के टॉप-12 में जगह बनाकर बिहार का नाम रोशन किया है. वह इस शो में बिहार से चुने गए इकलौते प्रतिभागी हैं. अंकुर का कहना है कि यह प्रतियोगिता उनके लिए अभिनय की दुनिया में खुद को साबित करने का बड़ा मंच है. उनका मानना है कि छोटे शहरों से आने वाले युवाओं को अपने सपनों पर भरोसा रखना चाहिए और लगातार मेहनत करते रहना चाहिए.
जम्मू से कोलकाता और फिर दिल्ली तक का सफर
अंकुर का बचपन जम्मू में बीता, जबकि उनकी पढ़ाई कोलकाता में हुई. स्कूल के दौरान सीबीएसई के नाटक 'जूलियस सीजर' में मुख्य भूमिका निभाने का अवसर मिला. उनके शिक्षक ने उन्हें मंच पर आने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद उन्होंने अभिनय को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया.
सरकारी नौकरी की तैयारी का बहाना, लेकिन मंजिल थी थिएटर
ग्रेजुएशन के बाद अंकुर ने कुछ समय तक सरकारी नौकरी की तैयारी की. परिवार चाहता था कि वह सुरक्षित करियर चुने, लेकिन उनका सपना अभिनय था. उन्होंने परिवार से परीक्षा की तैयारी का बहाना बनाकर दिल्ली का रुख किया और थिएटर से जुड़ गए. करीब चार-पांच वर्षों तक रंगमंच पर लगातार काम करने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता को अभिनय के बारे में बताया. शुरुआत में परिवार नाराज हुआ, लेकिन एक वर्ष का समय मांगने के बाद धीरे-धीरे विज्ञापनों और वेब सीरीज में काम मिलने लगा. इसके बाद परिवार का भरोसा भी बढ़ गया.
'जहानाबाद' वेब सीरीज से मिली पहचान
कोरोना काल के दौरान अंकुर को मुंबई में ऑडिशन देने का मौका मिला. इसके बाद उन्होंने वेब सीरीज 'जहानाबाद' में अभिनय किया, जिसे वह अपने करियर का सबसे यादगार प्रोजेक्ट मानते हैं. उन्हें महानायक अमिताभ बच्चन के साथ एक विज्ञापन की शूटिंग का अवसर भी मिला. हालांकि वह विज्ञापन रिलीज नहीं हो सका, लेकिन वह अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा. अभिनेता पंकज त्रिपाठी के साथ भी उन्हें काम करने का मौका मिला.
'सबसे बड़े ड्रामेबाज़' में सीखने का नया मंच
अंकुर ने बताया कि कुकू टीवी के माइक्रो ड्रामा फॉर्मेट की जानकारी उन्हें थिएटर के दोस्तों से मिली. उन्होंने ऑडिशन दिया और चयनित होकर टॉप-12 तक पहुंचे. उनका कहना है कि शो का हर टास्क उन्हें अभिनय की नई बारीकियां सिखा रहा है और उनकी क्षमता को लगातार निखार रहा है.
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छोटे भाई ने निभाई सबसे बड़ी भूमिका
संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अंकुर कहते हैं कि आर्थिक जिम्मेदारियों के कारण कई बार उन्होंने अभिनय छोड़ने का मन बनाया. ऐसे समय में उनके छोटे भाई अंकित ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया. अंकित ने न सिर्फ आर्थिक, बल्कि मानसिक रूप से भी उनका साथ दिया और ऑडिशन की तैयारी में भी मदद की.
बांसुरी वादन है खास प्रतिभा
अंकुर बांसुरी बजाने के शौकीन हैं. उन्होंने शो के टैलेंट राउंड में भी अपनी इसी कला का प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि यदि वह इस प्रतियोगिता के विजेता बनते हैं, तो सबसे बड़ी खुशी उनके माता-पिता को होगी. इससे उन्हें यह विश्वास मिलेगा कि अभिनय के क्षेत्र में भी सम्मानजनक और सफल भविष्य बनाया जा सकता है.
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By हिमांशु देव
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