वैशाली मे अनुग्रह अनुदान के नाम पर साइबर ठगी का जाल, फर्जी कॉल से रहें सावधान
Published by : Vivek Pandey Updated At : 10 Jun 2026 9:08 AM
Hajipur Cyber Fraud: वैशाली जिले में अनुग्रह अनुदान और राहत राशि दिलाने के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. जिला प्रशासन ने लोगों से फर्जी कॉल और पैसे मांगने वालों से सतर्क रहने तथा 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की अपील की है.
(हाजीपुर से कैफ अहमद की रिपोर्ट)
Hajipur Cyber Fraud: वैशाली जिले में अनुग्रह अनुदान, राहत राशि एवं अन्य सरकारी सहायता योजनाओं के नाम पर साइबर ठगी का नया मामला सामने आ रहा है.अज्ञात साइबर अपराधी लोगों को फोन कर सरकारी सहायता राशि दिलाने, फाइल स्वीकृत कराने तथा भुगतान जारी कराने का झांसा देकर पैसे की मांग कर रहा हैं. जिला प्रशासन ने ऐसे फर्जी कॉल से सतर्क रहने की अपील की है.
अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आ रहा फोन
प्रशासन के अनुसार कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अलग-अलग मोबाइल नंबरों से नागरिकों को फोन कर अनुग्रह अनुदान एवं राहत राशि से संबंधित फाइलों के निष्पादन, स्वीकृति अथवा भुगतान के नाम पर धनराशि मांग कर रहा है. ठग खुद को सरकारी अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं.
प्रशासन ने लोगों से अपील की सोशल मीडिया संदेश पर भरोसा न करें
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राहत राशि, अनुग्रह अनुदान अथवा किसी भी सरकारी सहायता योजना के अंतर्गत फाइल के निष्पादन, स्वीकृति या भुगतान के लिए किसी प्रकार का शुल्क, सेवा शुल्क अथवा रिश्वत नहीं ली जाती है. सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सेवाएं निर्धारित नियमों के तहत पूरी तरह निःशुल्क हैं.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी फोन कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया संदेश पर भरोसा न करें. यदि कोई व्यक्ति सरकारी सहायता राशि दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है तो उसके झांसे में न आएं और किसी भी खाते में राशि हस्तांतरित न करें.
साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें जानकारी
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी नागरिक को इस प्रकार का कोई संदिग्ध या धोखाधड़ीपूर्ण कॉल प्राप्त होता है तो इसकी सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें या निकटतम साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं.
साइबर अपराधी लोगों की जरूरत और भरोसे का फायदा उठाकर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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