वैशाली मे अनुग्रह अनुदान के नाम पर साइबर ठगी का जाल, फर्जी कॉल से रहें सावधान

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Hajipur Cyber Fraud: वैशाली जिले में अनुग्रह अनुदान और राहत राशि दिलाने के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. जिला प्रशासन ने लोगों से फर्जी कॉल और पैसे मांगने वालों से सतर्क रहने तथा 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की अपील की है.

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(हाजीपुर से कैफ अहमद की रिपोर्ट)

Hajipur Cyber Fraud: वैशाली जिले में अनुग्रह अनुदान, राहत राशि एवं अन्य सरकारी सहायता योजनाओं के नाम पर साइबर ठगी का नया मामला सामने आ रहा है.अज्ञात साइबर अपराधी लोगों को फोन कर सरकारी सहायता राशि दिलाने, फाइल स्वीकृत कराने तथा भुगतान जारी कराने का झांसा देकर पैसे की मांग कर रहा हैं. जिला प्रशासन ने ऐसे फर्जी कॉल से सतर्क रहने की अपील की है.

अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आ रहा फोन

प्रशासन के अनुसार कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अलग-अलग मोबाइल नंबरों से नागरिकों को फोन कर अनुग्रह अनुदान एवं राहत राशि से संबंधित फाइलों के निष्पादन, स्वीकृति अथवा भुगतान के नाम पर धनराशि मांग कर रहा है. ठग खुद को सरकारी अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं.

प्रशासन ने लोगों से अपील की सोशल मीडिया संदेश पर भरोसा न करें


जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राहत राशि, अनुग्रह अनुदान अथवा किसी भी सरकारी सहायता योजना के अंतर्गत फाइल के निष्पादन, स्वीकृति या भुगतान के लिए किसी प्रकार का शुल्क, सेवा शुल्क अथवा रिश्वत नहीं ली जाती है. सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सेवाएं निर्धारित नियमों के तहत पूरी तरह निःशुल्क हैं.


प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी फोन कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया संदेश पर भरोसा न करें. यदि कोई व्यक्ति सरकारी सहायता राशि दिलाने के नाम पर पैसे की मांग करता है तो उसके झांसे में न आएं और किसी भी खाते में राशि हस्तांतरित न करें.

साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें जानकारी


जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी नागरिक को इस प्रकार का कोई संदिग्ध या धोखाधड़ीपूर्ण कॉल प्राप्त होता है तो इसकी सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें या निकटतम साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं.

साइबर अपराधी लोगों की जरूरत और भरोसे का फायदा उठाकर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.

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विवेक रंजन पाण्डेय की विशेष रुचि बिहार की राजनीति, ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम अपडेट, प्रशासनिक गतिविधियों, चुनाव, अपराध, मौसम, शिक्षा तथा रिसर्च आधारित खबरों में है. वे लाइव कवरेज, एक्सक्लूसिव स्टोरी, SEO फ्रेंडली डिजिटल कंटेंट और डेटा आधारित रिपोर्टिंग में भी दक्ष हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर एक्स पर सक्रिय रहकर ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए रखते हैं.

पत्रकारिता अनुभव

पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

शिक्षा

विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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