हाजीपुर में गंगा-गंडक का बढ़ा जलस्तर, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट
गंडक नदी का बढ़ा जलस्तर
गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं.
Hajipur News: गंगा एवं गंडक नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है. बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल लालगंज के आंकड़ों के अनुसार पिछले 12 घंटे में गंगा नदी का जलस्तर 9.16 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है. मंगलवार की शाम छह बजे जारी आंकड़ों के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 0.39 मीटर नीचे रह गया है.
इसी तरह लालगंज में पिछले 12 घंटे में गंडक नदी का जलस्तर 1.66 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है. यहां गंडक खतरे के निशान से महज 0.16 मीटर नीचे बह रही है. नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
निचले इलाकों पर प्रशासन की नजर
गंगा और गंडक के जलस्तर में वृद्धि से महनार, देसरी, राघोपुर, तेरसिया और सहदेई के निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गयी है. जिला प्रशासन की ओर से संभावित प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है.
सभी संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया है.
गंगा खतरे के निशान से 0.39 मीटर नीचे
गंगा नदी का जलस्तर पटना के गांधी घाट पर मापा जाता है. मंगलवार की सुबह यहां गंगा का जलस्तर 48.10 मीटर था, जो शाम छह बजे बढ़कर 48.21 मीटर हो गया. गंगा के खतरे का निशान 48.60 मीटर है. इस तरह नदी खतरे के निशान से 0.39 मीटर नीचे बह रही है.
हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.89 मीटर नीचे है. हालांकि पिछले 12 घंटे में यहां भी गंडक का जलस्तर 5 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है.
वाल्मीकिनगर बराज से 1.04 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
आंकड़ों के अनुसार मंगलवार की शाम वाल्मीकिनगर बराज से एक लाख चार हजार 400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. सोमवार को यह आंकड़ा एक लाख 26 हजार 500 क्यूसेक और रविवार को एक लाख 34 हजार क्यूसेक था.
तटबंध और निचले इलाकों की 24 घंटे निगरानी
बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाजीपुर, महुआ और महनार अनुमंडल के सभी अंचलाधिकारियों, बाढ़ नियंत्रण विभाग, जल निकासी प्रमंडल, नगर निकायों, आपदा प्रबंधन शाखा और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है.
सभी तटबंधों की लगातार निगरानी, दियारा और निचले क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग तथा संभावित प्रभावित इलाकों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया है. गंगा और गंडक के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी करने का निर्देश भी दिया गया है.
आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया है. किसी भी आपदा या सहायता की स्थिति में आम नागरिक दूरभाष संख्या 06224-260233 एवं 06224-260234 पर संपर्क कर सकते हैं.
जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन प्रत्येक परिस्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने, राहत एवं बचाव के सभी संसाधन तैयार रखने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









