हाजीपुर:बिदुपुर में डीएम वर्षा सिंह ने खेत में उतरकर की धान की रोपनी, प्राकृतिक खेती को दिया बढ़ावा

धान रोपनी करती डीएम
हाजीपुर में डीएम वर्षा सिंह ने खेत में उतरकर श्रीविधि से धान की रोपनी की और किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
हाजीपुर: बिदुपुर प्रखंड के शहदुल्लापुर धोबौली पंचायत स्थित खजवत्ता गांव में गुरुवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से पहल की गयी. जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने किसान उमेश राय के प्राकृतिक खेती आधारित मॉडल खेत का निरीक्षण किया. इसके बाद डीएम स्वयं खेत में उतरीं और श्रीविधि पद्धति से धान की रोपनी कर किसानों को वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने का संदेश दिया.
डीएम ने खजवत्ता स्थित बायो रिसर्च सेंटर का भी निरीक्षण किया. उन्होंने प्राकृतिक खेती के मॉडल को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने और इसके विस्तार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया.
बिदुपुर में प्राकृतिक खेती के 10 क्लस्टर बने
बताया गया कि बिदुपुर प्रखंड में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 क्लस्टर बनाये गये हैं. इन क्लस्टरों से करीब 1,250 किसान जुड़े हुए हैं. प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले सभी किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 2,000 रुपये प्रति किसान का भुगतान किया जा चुका है.
प्रशासन की ओर से किसानों को प्राकृतिक खेती के फायदे और वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देने के साथ उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
किसानों से संवाद कर जानी समस्याएं
धान की रोपनी के दौरान डीएम वर्षा सिंह ने किसानों से संवाद किया और प्राकृतिक खेती को लेकर उनके अनुभवों की जानकारी ली. उन्होंने किसानों की समस्याओं, कृषि जरूरतों और खेती के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की.
डीएम ने कहा कि कृषि जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने किसानों से समय पर धान की रोपनी करने, उन्नत बीजों का इस्तेमाल करने तथा वैज्ञानिक और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की.
प्राकृतिक खेती से घटेगी उत्पादन लागत
डीएम ने कहा कि प्राकृतिक खेती से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है. इससे खेती की उत्पादन लागत घटाने में मदद मिलती है. साथ ही मिट्टी, जल और पर्यावरण की सुरक्षा भी होती है. किसानों को प्राकृतिक खेती के माध्यम से टिकाऊ कृषि की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए. किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये जाएं.
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