हाजीपुर में वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ कांग्रेस सेवादल का आंदोलन, 9 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा

Updated:
विज्ञापन

कार्यक्रम को संबोधित करते जिला अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा

बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने हाजीपुर में वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने की मांग को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन का आगाज किया है. शिक्षकों के नियमित वेतन, पेंशन और सेवा सुरक्षा जैसी 9 सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय में ज्ञापन सौंपा गया.

विज्ञापन

Hajipur News: बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के बैनर तले मंगलवार को हाजीपुर के गांधी चौक पर वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, वित्त रहित संबद्ध डिग्री, इंटरमीडिएट एवं माध्यमिक महाविद्यालयों के समायोजन तथा शिक्षकों को सम्मानजनक सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा ने की, जबकि संचालन प्रो. भूपेंद्र कुमार ने किया. सभा के बाद आंदोलनकारियों ने समाहरणालय पहुंचकर अपनी नौ सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन अपर समाहर्ता को सौंपा.

वित्त रहित शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई : डॉ. संजय यादव

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने कहा कि बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में वित्त रहित महाविद्यालयों का ऐतिहासिक योगदान रहा है. सीमित संसाधनों में लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले शिक्षक आज भी नियमित वेतन, पेंशन और सेवा सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शिक्षकों के सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है.

वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग

जिला अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षक वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने सरकार से वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, सभी वित्त रहित संबद्ध महाविद्यालयों का समायोजन करने, नियमित वेतनमान लागू करने, पेंशन और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा लंबित अनुदान का शीघ्र भुगतान करने की मांग की.

ज्ञापन में उठाई गईं 9 प्रमुख मांगें

आंदोलनकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं. इनमें प्रमुख रूप से—

  • वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त कर स्थायी शिक्षक हितैषी शिक्षा नीति लागू की जाए.
  • वित्त रहित संबद्ध डिग्री, इंटरमीडिएट एवं माध्यमिक महाविद्यालयों का समायोजन किया जाए.
  • शिक्षकों के लिए नियमित वेतनमान एवं पेंशन की व्यवस्था लागू की जाए.
  • शिक्षा विभाग के संकल्पों के अनुरूप अनुदान एवं शिक्षण शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था प्रभावी बनाई जाए.
  • वर्ष 2018 से 2026 तक के लंबित अनुदान का ब्याज सहित भुगतान किया जाए.
  • सभी वित्त रहित संस्थानों को पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए.
  • भविष्य निधि, चिकित्सा सुविधा, सामूहिक जीवन बीमा एवं अन्य सेवा लाभ सुनिश्चित किए जाएं.
  • संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को पुनः शोध निर्देशन (रिसर्च गाइड) का अधिकार दिया जाए.
  • शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए.

बड़ी संख्या में शिक्षक और कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम के अंत में मो. सद्दाम हुसैन ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस अवसर पर शंभू कुमार दास, उत्तम यादव, सुजीत कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, राजीव कुमार राठौर, रजनीश कुमार सिंह, उपेंद्र सिंह, खगेंद्र कुमार सिंह, उमाशंकर सिंह, कृष्णकांत सिंह, ललित गोप, मनीष कुमार सिंह, मदन राम, कामेश्वर सिंह, अभिषेक कुमार, मनोज कुमार सिंह, महेश कुमार, नूतन, उपेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षकेत्तर कर्मचारी, शिक्षक और कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor: 51 हजार की बढ़त से करारी हार तक, प्रशांत किशोर ने बताया क्यों खिसकी बीजेपी की जमीन


विज्ञापन
कैफ अहमद

लेखक के बारे में

By कैफ अहमद

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन