Prashant Kishor: 51 हजार की बढ़त से करारी हार तक, प्रशांत किशोर ने बताया क्यों खिसकी बीजेपी की जमीन

Updated:
विज्ञापन

प्रशांत किशोर

Prashant Kishor: बांकीपुर उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने भाजपा और एनडीए नेतृत्व पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जनता ने इस नतीजे के जरिए साफ संदेश दिया है कि बिहार में बेहतर नेतृत्व, शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है.

विज्ञापन

Prashant Kishor: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने शानदार जीत हासिल की है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को बड़े अंतर से हराया. इस चुनाव नतीजे के साथ ही बांकीपुर सीट पर बीजेपी का पिछले 30 सालों से चला आ रहा वर्चस्व खत्म हो गया है.

बीजेपी और एनडीए नेतृत्व को जनता का सीधा संदेश

इस जीत के बाद जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने बीजेपी और एनडीए के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बांकीपुर की इस जीत को बिहार की जनता द्वारा बीजेपी और एनडीए के बड़े नेताओं को भेजे गए एक साफ संदेश के रूप में देखना चाहिए. जनता का कहना है कि सरकार को बिहार के लिए किसी ज्यादा बेहतर और योग्य इंसान को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, ताकि राज्य का सही विकास हो सके.

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि सत्ता में आने के समय पार्टी ने जनता से जो भी वादे किए थे, अब उन पर ध्यान देने का वक्त आ गया है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं बिल्कुल साफ होनी चाहिए. बिहार को इस समय सबसे ज्यादा जरूरत शिक्षा व्यवस्था को सुधारने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और राज्य से हो रहे लोगों के पलायन को रोकने की है.

51 हजार की जीत से हार तक का सफर

प्रशांत किशोर ने क्षेत्र की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि बांकीपुर की हालत में कोई अचानक बड़ा बदलाव नहीं आया है. नवंबर के पिछले चुनाव की तुलना में, जब लोगों ने बीजेपी को 51,000 वोटों के भारी अंतर से जीत दिलाई थी, तब से लेकर अब तक बांकीपुर की सड़कें खराब नहीं हुई हैं और न ही कोई बहुत बड़ी गड़बड़ी हुई है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सब कुछ वैसा ही है, तो फिर लोगों ने बीजेपी को हराने का मन क्यों बनाया?


बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

नया नेतृत्व जनता को कतई मंजूर नहीं- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी ने बिहार में एक नया नेतृत्व पेश किया है. यह नया नेतृत्व बिहार की जनता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग उस व्यक्ति के चाल-चलन, व्यवहार, चरित्र और व्यक्तित्व से बिल्कुल भी सहज महसूस नहीं कर रहे हैं, यही वजह है कि जनता ने उन्हें वोट न देकर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

इसे भी पढ़ें: 1995 से बीजेपी का अभेद्य किला है बांकीपुर, जानिए 1957 से लेकर अब तक कौन-कौन बना विधायक


विज्ञापन
परितोष शाही

लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन