पटना में साइबर ठगी के इंटरनेशनल नेटवर्क का खुलासा, चार गिरफ्तार; APK-Malware से सिस्टम खराब कर वसूलते थे मोटी रकम

Updated:
विज्ञापन

साइबर ठग गिरफ्तार, सोर्स- AI Generated सांकेतिक तस्वीर.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Cyber Fraud In Patna: पटना में साइबर ठगी का एक बड़ा गिरोह पकड़ा गया है, जो विदेशियों के कंप्यूटर को खराब कर ठीक करने के नाम पर पैसे ऐंठता था. पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये नकद और उपकरण बरामद किए हैं.

विज्ञापन

Cyber Fraud In Patna: राजधानी पटना के मुसल्लहपुर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर में APK और Malware इंस्टॉल कर सिस्टम खराब करने के बाद उसे ठीक करने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था. पुलिस ने गिरोह के चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से दो मोटरसाइकिल, 9 एंड्रॉयड मोबाइल, 7 एटीएम कार्ड, 1.09 लाख रुपये नकद, चार लैपटॉप, हार्ड डिस्क, लैपटॉप चार्जर, माइक्रोफोन लगे हेडफोन और एयरटेल का एक राउटर बरामद किया गया है.

विज्ञापन

पुलिस के अनुसार, आरोपित SIP/VOIP Calling Software के जरिए विदेशी नागरिकों तक पहुंच बनाते थे. शुरुआती जांच में इनके तार अमेरिका समेत दूसरे देशों के ग्राहकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर ठगी से जुड़े मिले हैं. पुलिस ने इनके बैंक खातों में करीब 3.50 लाख रुपये होल्ड कराए हैं. मामले में हवाला एंगल की भी जांच की जा रही है.

कंप्यूटर ठीक करने के नाम पर ठगी

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पटना सिटी राज किशोर सिंह के अनुसार, पुलिस टीम को मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का सर्वर चलने की सूचना मिली थी. इसके बाद छापेमारी कर सबसे पहले अक्षय कुमार साह को पकड़ा गया. पूछताछ और उसकी निशानदेही पर तीन अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपित इंटरनेशनल कॉल सेंटर के लिए इस्तेमाल होने वाले नंबरों पर नजर रखते थे. जब किसी विदेशी ग्राहक के कंप्यूटर में तकनीकी समस्या आती और वह ऐसे नंबर पर संपर्क करता, तो आरोपित कॉल रिसीव कर उसकी भाषा और एक्सेंट में बातचीत करते थे.

इसके बाद कंप्यूटर की समस्या ठीक करने के बहाने ग्राहक को अपने जाल में फंसाया जाता था.

पटना में साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस पदाधिकारी.
पटना में साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस पदाधिकारी.

पहले सिस्टम में डालते थे Malware

पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान आरोपित ग्राहक के कंप्यूटर में APK या Malware इंस्टॉल कर देते थे. इससे सिस्टम की समस्या और बढ़ जाती थी या कंप्यूटर उनके नियंत्रण में आने की स्थिति में पहुंच जाता था.

इसके बाद आरोपित ग्राहक को बताते थे कि कंप्यूटर में गंभीर तकनीकी खराबी है और उसे ठीक करने के लिए विशेष प्रक्रिया करनी होगी. इसी बहाने उनसे भारी रकम वसूली जाती थी.

पुलिस का कहना है कि गिरोह केवल विदेशी ग्राहकों तक सीमित नहीं था, बल्कि भारतीय ग्राहकों को भी इसी तरीके से निशाना बनाने की बात सामने आई है.

चार आरोपित अलग-अलग जिलों के

पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ओम प्रकाश ठाकुर, सत्यम कुमार, अक्षय कुमार साह और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है.

पुलिस के अनुसार, ओम प्रकाश ठाकुर मूल रूप से भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के महुआ का रहने वाला है और वर्तमान में दानापुर के विवेक विहार कॉलोनी में रह रहा था. सत्यम कुमार सहरसा के सौरबाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में पटना के कंकड़बाग-कांटी फैक्ट्री इलाके में रहता था.

अभिषेक कुमार और अक्षय कुमार साह भी अलग-अलग जिलों से जुड़े हैं. पुलिस के अनुसार, अभिषेक का मूल पता औरंगाबाद और अक्षय का राजीव नगर, पटना बताया गया है.

लाखों रुपये का मिला लेनदेन

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों के खातों में करीब 3.50 लाख रुपये मिले हैं, जिन्हें फिलहाल होल्ड कराया गया है. एसडीपीओ ने बताया कि इस गिरोह का कारोबार लाखों रुपये में चल रहा था और प्रत्येक ग्राहक से उसकी क्षमता तथा वह कितना फंस रहा है, उसके आधार पर रकम वसूली जाती थी.

जांच में यह भी सामने आया है कि विदेशी ग्राहकों से मिलने वाली रकम पहले डॉलर में आती थी और बाद में उसे भारतीय रुपये में परिवर्तित कर स्थानीय खातों में भेजा जाता था. पुलिस अब इस लेनदेन की पूरी कड़ी की जांच कर रही है.

साइबर ठगों की गिरफ्तारी के बाद बरामद सामान.
साइबर ठगों की गिरफ्तारी के बाद बरामद सामान.

2022 से जुड़े होने का दावा

पुलिस पूछताछ में आरोपितों से यह जानकारी मिलने की बात कही गई है कि गिरोह का नेटवर्क करीब छह महीने से सक्रिय था, जबकि कुछ आरोपितों के 2022 से इस तरह के काम में शामिल होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है.

एसडीपीओ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों ने पहले किसी अन्य व्यक्ति के साथ काम करने और बाद में अपना अलग गिरोह खड़ा करने की बात बताई है. पुलिस ने उस व्यक्ति के बारे में भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, जिसके साथ आरोपित पहले काम करने की बात कह रहे हैं.

हवाला एंगल की भी जांच जारी

विदेशी ग्राहकों से आने वाले पैसों के लेनदेन को लेकर पुलिस अब हवाला एंगल की भी जांच कर रही है. एसडीपीओ ने बताया कि साइबर थाना की टीम को भी जांच में शामिल किया जाएगा, ताकि विदेश से आने वाली रकम, उसके कन्वर्जन और भारतीय खातों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया का पता लगाया जा सके.

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपितों से पूछताछ जारी है. इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अब तक ठगी के शिकार हुए ग्राहकों की संख्या का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है.

Also Read: पटना का हरिलाल मिठाई कारखाना होगा बंद, मिथिला डेयरी का प्लांट भी होगा क्लोज, जानिए क्या है वजह

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन