आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता बढ़ायेगी सरकार, ‘सुनंदिनी’ योजना से लेंगी डिग्री और डिप्लोमा

Updated at : 02 Jul 2021 10:27 AM (IST)
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता बढ़ायेगी सरकार, ‘सुनंदिनी’ योजना से लेंगी डिग्री और डिप्लोमा

समाज कल्याण विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने की दिशा में अब नयी पहल की गयी है. इसके लिए राज्य में ‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है, जिसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसीसीइ( प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) विषय पर छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स एवं और एक साल का डिप्लोमा कोर्स कराया जायेगा.

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पटना. समाज कल्याण विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने की दिशा में अब नयी पहल की गयी है. इसके लिए राज्य में ‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है, जिसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसीसीइ( प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) विषय पर छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स एवं और एक साल का डिप्लोमा कोर्स कराया जायेगा.

गुरुवार को राज्य के अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग ने ‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम की वर्चुअल शुरुआत की हैं. समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद ने कहा कि सुनंदिनी’ कार्यक्रम की शुरुआत से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का शैक्षणिक उन्नयन के साथ उनका क्षमतावर्धन भी होगा.

‘सुनंदिनी’ की हुई वर्चुअल लांचिंग

‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सर्टिफिकेट कोर्स एवं डिप्लोमा कोर्स करने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता भी बेहतर होगी. इससे बड़ा लाभ समुदाय को मिलेगा. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की योग्यता एवं क्षमता में बढ़ोतरी होने से समाज कल्याण की मूल अवधारणा को फलीभूत करने में मदद मिलेगी तथा इस कोर्स के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के शैक्षणिक उत्थान एवं उनके कौशल में विकास संभव हो सकेगा.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के आलोक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के शैक्षणिक स्तर के उन्नयन के लिए समाज कल्याण विभाग एवं बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड के संयुक्त प्रयास से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता के सुदृढ़ीकरण एवं ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के लिए ‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है.

निदेशक राजकुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम अंतर्गत कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई के लिए तीन स्तरों की पाठ्यपुस्तकों को विकसित किया गया है. आइसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने कहा बिहार में लागू आइसीडीएस कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती, धात्री एवं किशोरियों के स्वास्थ्य जांच, पूर्ण पोषण, स्कूल पूर्व शिक्षा ,स्वास्थ्य और पोषण शिक्षा प्रदान करके बच्चे के संपूर्ण विकास करना है.

पंजीकरण शुल्क राज्य सरकार करेगी वहन

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं के ईसीसीइ विषय पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा कोर्स में पंजीकरण शुल्क बीबीओएसइ द्वारा 1500 रुपये प्रति शिक्षार्थी निर्धारित की गयी है. लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए इसीसीइ विषय पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा कोर्स में पंजीकरण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा.

वर्तमान में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के चयन हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं पास तथा सेविकाओं के लिए 10वीं/मैट्रिक पास अथवा समकक्ष है. बीबीओएसइ के माध्यम से राज्य में कार्यरत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वाली इच्छुक सहायिकाओं को 10वीं / मैट्रिक तथा सेविकाओं को 12 वीं पास करने के लिए प्रेरित करेगा.

Posted by Ashish Jha

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