उचकागांव. मीरगंज थाना क्षेत्र के लाइन बाजार में जाम की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है. बाजार के मुख्य चौराहे पर दिनभर लगने वाले जाम से स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से गुजरने वाले राहगीर भी परेशान हैं. जाम के कारण छोटी-बड़ी गाड़ियां, मालवाहक ट्रक, हाइवा सहित अन्य वाहन घंटों फंसे रहते हैं, जिससे चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. सरकार के निर्देश पर कुछ समय पहले सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की गयी थी, जिससे लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी. लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के रुकते ही लाइन बाजार की यातायात व्यवस्था फिर से बिगड़ गयी. अतिक्रमण दोबारा बढ़ने के साथ ही जाम का सिलसिला शुरू हो गया है. बताया जाता है कि बाजार में उमड़ने वाली भीड़ और लगातार बढ़ते वाहनों के आवागमन के कारण पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है.
जाम से निकलने में आपस में उलझ जाते हैं राहगीर
जाम का असर केवल लाइन बाजार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मीरगंज-समउर सड़क और कुचायकोट-मैरवा सड़क पर भी आवागमन बाधित हो जाता है. इसके चलते कार, बाइक, साइकिल, टेंपो, ठेला और निजी वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं. कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि जाम से निकलने के प्रयास में राहगीर आपस में उलझ जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. सिसवनिया के ऋषभ राज ने कहा कि बराबर बथुआ, बड़कागांव और श्यामपुर की ओर गाड़ियों से कार्यवश नियमित आना-जाना रहता है, लेकिन जाम के कारण हर बार परेशानी झेलनी पड़ती है. वहीं लाइन बाजार के रतीश कुमार ने कहा- लाइन बाजार में जाम की समस्या अब लाइलाज बीमारी बन चुकी है. इस रास्ते से मीरगंज, बड़कागांव और थावे की ओर जाना पड़ता है, लेकिन जाम के कारण कई बार घंटों की देरी हो जाती है. वहीं लाइन बाजार की रीमा देवी ने बताया कि जाम के कारण स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है. आसपास कई निजी विद्यालय संचालित हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से बच्चे पढ़ने आते हैं, लेकिन जाम के चलते बच्चों और शिक्षकों दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
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