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gopalganj news : विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के बिहार में प्रवेश करते ही की गयी पूजा

Updated at : 03 Jan 2026 9:46 PM (IST)
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gopalganj news : विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के बिहार में प्रवेश करते ही की गयी पूजा

gopalganj news : एक ही बड़े ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित किया गया है विशाल शिवलिंगअयोध्या के राम मंदिर से कई गुना बड़े मंदिर में होगा स्थापित

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gopalganj news : कुचायकोट. तमिलनाडु से शुरू हुआ विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग यूपी बॉर्डर बथना कुट्टी में प्रवेश किया. शिवलिंग के प्रवेश के साथ ही श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया और हर-हर महादेव के नारे लगाये. जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य अधिकारियों ने भी शिवलिंग की पूजा-अर्चना की और फूलों एवं चंदन से उसका स्वागत किया.

बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष रहे स्व आचार्य किशोर कुणाल ने विराट रामायण मंदिर का निर्माण करने के लिए शिलान्यास किया था. 20 जून, 2023 को शिलान्यास के बाद से नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह की पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है. पूर्वी चंपारण के चकिया के पास कथवलिया में दुनिया का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर बन रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर से कई गुना बड़ा होगा और इसमें कंबोडिया के अंगकोर वाट से भी ऊंचा शिखर होगा, यह मंदिर महावीर मंदिर पटना ट्रस्ट द्वारा बनाया जा रहा है और 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला हॉल होगा और यह 140 एकड़ में फैला है. यह शिलिंग उसी मंदिर में स्थापित होना है.

तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में हुआ है तैयार

यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है. यह विशाल शिवलिंग एक ही बड़े ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जो भारतीय शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है. शिवलिंग में पारंपरिक दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक साफ़ दिखायी देती है. इसका वजन 210 टन है, जबकि लंबाई 33 फुट व मोटाई 33 फुट है, जिसे विशेष रूप से डिजाइन किये गये 96 चक्के के ट्रक पर लोड किया गया है. गोपालगंज से यह यात्रा करीब 48 से 50 घंटे में पूरी हुई और अब यह पूर्वी चंपारण में प्रवेश करेगा. गोपालगंज में जगह-जगह लोग शिवलिंग का स्वागत करने और पूजा-अर्चना करने के लिए खड़े थे.

सांस्कृतिक धरोहर को एक नयी पहचान

इस ऐतिहासिक यात्रा और निर्माण कार्यों से बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को एक नयी पहचान मिल रही है. पूजा-अर्चना करने वालों में उत्पाद अधीक्षक अमृता झा, स्थानीय बुद्धेश्वर शुक्ला, हर्षित पाठक, धनंजय पाठक, भोला तिवारी, भोला शाही, रौनक शाही सहित क्षेत्र की सैकड़ों की संख्या में पहुंचीं महिलाएं शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH KUMAR

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SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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