गोपालगंज: दक्षिण अफ्रीका में हुई थी मौत, मंत्री के प्रयास से 35 दिन बाद गांव पहुंचा प्रवासी मजदूर का पार्थिव शरीर

Author Gautam kumar|Edited by Vikash Jha
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प्रवासी मजदूर का शव आने के बाद जुटी लोगों की भीड़

प्रवासी मजदूर का शव आने के बाद जुटी लोगों की भीड़

दक्षिण अफ्रीका में काम करते हुए जान गंवाने वाले गोपालगंज के वेदप्रकाश यादव का पार्थिव शरीर एक महीने पांच दिन बाद गांव पहुंचा. मंत्री के हस्तक्षेप के बाद शव स्वदेश लाया जा सका.

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Gopalganj News: गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के आमवां दूबे गांव निवासी 44 वर्षीय वेदप्रकाश यादव का पार्थिव शरीर एक माह पांच दिन बाद शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका से उनके पैतृक गांव पहुंचा. जैसे ही एम्बुलेंस शव को लेकर गांव की सीमा में दाखिल हुई, मृतक के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. परिजनों की हृदयविदारक चीख-पुकार से पूरा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी.

दक्षिण अफ्रीका में हुआ निधन

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वेदप्रकाश यादव अपने परिवार के बेहतर भरण-पोषण और रोजी-रोटी की तलाश में दक्षिण अफ्रीका गये थे. वहां काम करने के दौरान ही बीते 2 जून 2026 को अचानक उनके असामयिक निधन की दुखद सूचना भारतीय दूतावास के माध्यम से उनके गृह जिले के परिवार को मिली थी. इस सूचना के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ था.

प्रशासनिक अड़चनों से हुआ विलंब

मृतक के परिवार की अत्यंत दयनीय आर्थिक तंगी और अंतरराष्ट्रीय शव परिवहन के लिए आवश्यक जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण उनका पार्थिव शरीर तत्काल भारत नहीं लाया जा सका था. असहाय पीड़ित परिवार पिछले एक माह से अधिक समय से अपने मुखिया के अंतिम दर्शन और हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार संपन्न करने के लिए टकटकी लगाए शव के गांव पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था.

मंत्री ने की बड़ी मदद

पति के शव को वतन वापस लाने की कोई राह न देख मृतक की लाचार पत्नी ललिता देवी ने सूबे के ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार से मिलकर पति का पार्थिव शरीर दक्षिण अफ्रीका से भारत मंगवाने की करुण गुहार लगायी थी. मंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल विदेश मंत्रालय और दूतावास के अधिकारियों से संपर्क साधा. उनके अथक प्रयासों के बाद सभी औपचारिकताएं ससमय पूरी हुईं.

इकलौते कमाऊ सदस्य थे वेदप्रकाश

शुक्रवार को सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आखिरकार पार्थिव शरीर सुरक्षित गांव पहुंच सका. ग्रामीणों ने बताया कि वेदप्रकाश यादव अपने पूरे गरीब परिवार के इकलौते कमाने वाले मुख्य सदस्य थे. उनके इस आकस्मिक निधन से पत्नी ललिता देवी, पुत्र अमरनाथ यादव, अमरजीत यादव, आदित्य यादव तथा पुत्री रीमा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है. बड़ी संख्या में प्रबुद्ध ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि अर्पित की.

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