फुलवरिया. स्थानीय थाना क्षेत्र के कोयला देवा गांव निवासी एक युवक को कंबोडिया में बंधक बनाये जाने की सूचना से सनसनी फैल गयी है. पीड़ित युवक सुरेंद्र प्रसाद का पुत्र रोहित कुमार है. उसे विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित एजेंटों ने धोखे से कंबोडिया भेज दिया. वहां उसे जबरन गलत कार्य कराने और एक कमरे में कैद कर रखने का गंभीर आरोप सामने आया है. परिजनों का आरोप है कि गांव के ही बाबूद्दीन मियां और पिंटू मियां ने रोहित को विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था. इसके एवज में दोनों ने रोहित से 1 लाख 35 हजार रुपये भी लिये. इसके बाद एक जनवरी को रोहित को कोलकाता बुलाया गया, जहां कथित रूप से फर्जी वीजा और अन्य दस्तावेज तैयार कर उसे कंबोडिया भेज दिया गया. शुरुआती दिनों में परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई. लेकिन 8 जनवरी को रोहित की ओर से आये एक मोबाइल संदेश ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया.
मैसेज के बाद मोबाइल बंद रहने से नहीं है कोई संपर्क
संदेश में रोहित ने रोते हुए बताया कि उसे कंबोडिया में एक कमरे में बंद कर रखा गया है और उससे जबरन गलत काम कराया जा रहा है. उसने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी के लोग उसे भारत लौटने की अनुमति नहीं दे रहे हैं और विदेश भेजने के नाम पर उसे वहां बेच दिया गया है. संदेश के बाद से रोहित का मोबाइल फोन बंद है और उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परिजन भय और बेचैनी में हैं. घटना से आहत रोहित की मां उर्मिला देवी ने बेटे की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाते हुए फुलवरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. इस संबंध में थानाध्यक्ष कुंदन कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. कथित एजेंटों की भूमिका की गहन छानबीन की जा रही है और सभी पहलुओं पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
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