गोपालगंज सदर अस्पताल में शाम होते ही बंद हो जाता है जन औषधि केंद्र, इमरजेंसी मरीजों को बाहर से महंगी दवा खरीदने की मजबूरी

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शाम होते बंद हो जाती सदर अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र

सदर अस्पताल का जन औषधि केंद्र शाम होते ही बंद हो जाता है, जिससे गरीब मरीजों को इमरजेंसी में भी महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं. फार्मासिस्ट की कमी और व्यवस्था में सुधार न होने से जरूरतमंदों को परेशानी हो रही है.

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Gopalganj Jan Aushadhi Kendra: मॉडल सदर अस्पताल में गरीब मरीजों को सस्ती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए खोला गया जन औषधि केंद्र शाम होते ही बंद हो जा रहा है. इससे खासकर इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. केंद्र बंद रहने के कारण मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी दवाएं अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मेडिकल दुकानों से महंगे दाम पर खरीदनी पड़ रही हैं. इससे गरीब मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.

बरौली के राजेंद्र प्रसाद सुबह करीब सात बजे अपनी पत्नी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. इमरजेंसी में डॉक्टर ने दवाएं खरीदकर लाने को कहा. अस्पताल में जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण राजेंद्र प्रसाद जन औषधि केंद्र पर दवा लेने पहुंचे, लेकिन केंद्र बंद मिला. मजबूरी में उन्हें बाजार से करीब 860 रुपये की दवा खरीदनी पड़ी, तब जाकर इलाज शुरू हो सका. राजेंद्र प्रसाद के अनुसार, यही दवा जन औषधि केंद्र पर करीब 130 रुपये में मिल जाती. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक मरीज का मामला नहीं है. केंद्र के समय से पहले बंद होने के कारण रोजाना कई मरीजों को ऐसी परेशानी उठानी पड़ रही है.

शाम होते ही बंद हो जाता है केंद्र

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत संचालित जन औषधि केंद्र का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को बाजार की तुलना में कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है. यहां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में करीब 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर दवाएं और सर्जिकल सामान उपलब्ध होने का दावा किया जाता है. लेकिन सदर अस्पताल में केंद्र के समय से पहले बंद होने के कारण मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. खासकर शाम और रात में इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को दवा खरीदने के लिए अस्पताल परिसर से बाहर जाना पड़ता है. https://janaushadhi.gov.in/

अधिकारियों की फटकार के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं

जन औषधि केंद्र के शाम होते ही बंद होने की समस्या को लेकर मरीजों में नाराजगी है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समय-समय पर सदर अस्पताल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश देते रहे हैं. इसके बावजूद केंद्र के संचालन में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है. मरीजों ने केंद्र को निर्धारित समय तक नियमित रूप से संचालित कराने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है.

इमरजेंसी में जरूरी दवाओं की भी कमी

जन औषधि केंद्र के बंद रहने के साथ सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कुछ जरूरी दवाओं की कमी की भी बात सामने आयी है. इनमें डाइक्लोफिनेक, पिपजो 4.5, ट्रानिक्सा और बुपेकोर्ट शामिल हैं. दवाएं उपलब्ध नहीं होने से मरीजों के परिजनों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है. इमरजेंसी वार्ड के इंचार्ज कमल ने बताया कि दवाओं की कमी की जानकारी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शशि रंजन प्रसाद को दी गयी है. उपाधीक्षक की ओर से जल्द दवाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है.

फार्मासिस्ट की कमी से 24 घंटे संचालन में परेशानी

जन औषधि केंद्र के संचालन को लेकर जीविका की हेड बीपीएम स्तुति प्रिया ने बताया कि बिहार स्टेट के निर्देश के अनुसार फिलहाल केंद्र को सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक खोलने का आदेश है और इसी समय के अनुसार केंद्र संचालित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि फार्मासिस्ट की कमी के कारण अभी 24 घंटे दवा काउंटर का संचालन संभव नहीं है. फार्मासिस्ट की बहाली होने के बाद जन औषधि केंद्र को 24 घंटे संचालित करने की व्यवस्था की जायेगी.

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मनीष राज

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