Gopalganj News: जादोपुर-मंगलपुर पुल के स्पैन गैप की जांच करने पहुंची एनआईटी पटना की टीम

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Gopalganj News: जादोपुर-मंगलपुर पुल के स्पैन गैप की जांच करने पहुंची एनआईटी पटना की टीम

Gopalganj News: स्टील प्लेट लगाकर गैप कवर करने का सुझाव, 20 दिनों में भारी वाहनों का परिचालन संभव.

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Gopalganj News: (संजय कुमार अभय) गोपालगंज में गंडक नदी पर बने जादोपुर-मंगलपुर पुल में स्पैन डैमेज होने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है . पुल की तकनीकी जांच के लिए एनआईटी पटना और पुल निगम के विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया.

जांच के बाद विशेषज्ञों ने स्पैन के बीच बढ़े गैप को नियंत्रित करने के लिए स्टील प्लेट लगाने की सलाह दी है . जिला प्रशासन ने दावा किया है कि करीब 20 दिनों के भीतर पुल की मरम्मत का कार्य पूरा कर भारी वाहनों का परिचालन सामान्य कर दिया जाएगा . फिलहाल बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक जारी है.

उत्तर बिहार और यूपी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल

गंडक नदी पर बना यह पुल उत्तर बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है . पुल के स्पैन के बीच गैप बढ़ने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी थी.

इसके बाद एनआईटी पटना और पुल निगम की विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच की . जांच के दौरान पाया गया कि स्पैन के बीच गैप बढ़ गया है, जिसे और बढ़ने से रोकने के लिए स्टील प्लेट लगाने की आवश्यकता है.

क्या बोले डीएम

डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि पुल का पूरा स्ट्रक्चर कंक्रीट का बना है, इसलिए गैप को कम करना संभव नहीं है . हालांकि स्टील प्लेट लगाने से कंपन नियंत्रित रहेगा और पुल सुरक्षित तरीके से काम करता रहेगा.

उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की सलाह पर पुल के दोनों तरफ लोहे की बैरिकेडिंग कर दी गई है तथा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.

समय रहते मरम्मत नहीं होती तो बढ़ सकती थी समस्या

प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया जाता तो स्पैन के बीच गैप और बढ़ सकता था, जिससे पुल की स्थिति गंभीर हो सकती थी . फिलहाल मरम्मत कार्य की तैयारी शुरू कर दी गई है और अगले 20 दिनों में कार्य पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

व्यापार और पर्यटन पर पड़ रहा असर

व्यावसायिक और पर्यटन दृष्टिकोण से यह पुल काफी महत्वपूर्ण माना जाता है . यूपी के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, सिवान और गोपालगंज से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन बेतिया, वाल्मीकिनगर, बगहा और नेपाल के लिए इसी पुल से गुजरते हैं.

नेपाल से आने-जाने वाले भारी वाहनों की भी बड़ी संख्या इस मार्ग का इस्तेमाल करती है . ऐसे में पुल पर भारी वाहनों की रोक से व्यापार और आवागमन पर असर पड़ रहा है.

549 करोड़ की लागत से बना था पुल

बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 549 करोड़ रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण कराया था और मार्च 2016 में इसका उद्घाटन हुआ था.

करीब एक दशक के भीतर ही पुल के स्पैन में आई खराबी अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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