31 मई तक हर हाल में बनानी होगी छात्रों की अपार आईडी, शिक्षा विभाग सख्त

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Gopalganj News : गोपालगंज के सरकारी और निजी स्कूलों में चलेगा विशेष अभियान, हर शनिवार मनाया जाएगा मेगा अपार आईडी दिवस

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फोटो : जिला शिक्षा विभाग कार्यालय

गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट

Gopalganj News : (विकाश दुबे) गोपालगंज जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं का यू डायस प्लस पोर्टल पर स्टूडेंट प्रोग्रेशन और अपार आईडी निर्माण कार्य अब शिक्षा विभाग की विशेष निगरानी में होगा. विभाग द्वारा जारी निर्देश के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है.

सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, निजी विद्यालय संचालकों, बीईडीएमसी, डाटा एंट्री ऑपरेटर और प्रखंड लेखा सहायकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सत्र 2026-27 के अंतर्गत विद्यालयों में पढ़ रहे सभी छात्र-छात्राओं का स्टूडेंट प्रोग्रेशन तीन दिनों के भीतर हर हाल में पूरा कर उसे फाइनलाइज कराया जाए. साथ ही जिन विद्यार्थियों का आधार सत्यापित है, उनका अपार आईडी 31 मई तक अनिवार्य रूप से तैयार कराया जाए.

लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय

शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि अपार आईडी आने वाले समय में छात्रों की डिजिटल शैक्षणिक पहचान का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा. ऐसे में सभी बच्चों का समय पर डाटा अपडेट और अपार आईडी निर्माण जरूरी है.

कई स्कूलों में अब भी लंबित है काम

बिहार शिक्षा परियोजना द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यू डायस प्लस पोर्टल पर स्टूडेंट प्रोग्रेशन और अपार आईडी निर्माण को लेकर पहले भी कई बार विद्यालयों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, व्हाट्सएप ग्रुप, दूरभाष और समीक्षा बैठकों के माध्यम से लगातार स्कूलों को जानकारी दी गई है.

इसके बावजूद जिले के कई विद्यालयों में यह कार्य अब तक लंबित है. इसी को गंभीरता से लेते हुए अब विभाग ने अभियान चलाकर काम पूरा कराने का निर्णय लिया है. सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया गया है.

आधार सत्यापन के बिना नहीं बनेगी अपार आईडी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्र-छात्राओं का आधार सत्यापित नहीं होगा, उनका अपार आईडी नहीं बन सकेगा. इसलिए विद्यालयों को सबसे पहले यू डायस प्लस पोर्टल पर छात्रों का स्टूडेंट प्रोग्रेशन पूरा कर स्कूल फाइनलाइजेशन करना होगा. इसके बाद ही अपार आईडी निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

जिन बच्चों का आधार नंबर पोर्टल पर दर्ज है लेकिन अभी तक सत्यापित नहीं हुआ है, उनके लिए अलग व्यवस्था की गई है. ऐसे बच्चों के आधार कार्ड की प्रति और आवश्यक प्रपत्र भरवाकर संकुल स्तर से प्रखंड संसाधन केंद्र तक भेजा जाएगा. वहां पोर्टल पर आवश्यक सुधार कर आधार सत्यापन कराया जाएगा और फिर छात्रों का अपार आईडी बनाया जाएगा.

वहीं जिन छात्र-छात्राओं का अब तक आधार कार्ड नहीं बना है, उन्हें प्रखंड स्तर या अन्य संचालित आधार केंद्रों पर भेजकर आधार कार्ड बनवाने का निर्देश दिया गया है. विभाग का कहना है कि कोई भी बच्चा इस प्रक्रिया से छूटना नहीं चाहिए.

हर शनिवार को मनाया जाएगा मेगा अपार आईडी दिवस

लंबित कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए प्रत्येक शनिवार को “मेगा अपार आईडी दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है. यह विशेष अभियान संकुल स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी सरकारी और निजी विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.

इस दौरान आधार सत्यापन, दस्तावेज सुधार, लंबित छात्रों का डाटा अपडेट और अपार आईडी निर्माण पर विशेष फोकस रहेगा. विभाग ने लक्ष्य तय किया है कि 31 मई तक जिले के सभी नामांकित छात्र-छात्राओं का अपार आईडी तैयार कर लिया जाए.

सोशल मीडिया से भी चलेगा जागरूकता अभियान

विद्यालयों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है. स्कूलों को बैनर, पोस्टर और डिजिटल संदेश साझा कर अभिभावकों और छात्रों को अपार आईडी के महत्व की जानकारी देने को कहा गया है.

साथ ही मेगा अपार आईडी दिवस के आयोजन से जुड़ी फोटो और वीडियो जिला कार्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा सके.

बीईओ से लेकर डाटा ऑपरेटर तक की जिम्मेदारी तय

जिला शिक्षा विभाग कार्यालय ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को बीईओ कार्यालय, बीईडीएमसी, डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य शिक्षा कर्मियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मियों और विद्यालयों की जवाबदेही तय की जाएगी.

अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और उनकी डिजिटल शैक्षणिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है. ऐसे में सभी विद्यालयों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ समय पर कार्य पूरा करना होगा.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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